कंचनजंघा आराेहण के क्रम में दाे भारतीय पर्वताराेही की माैत
विश्व का तीसरी उँची हिमाल की चाेटी कञ्चनजङ्घा आरोहण के क्रम में दाे भारतीय पर्वताराेहियाें की माैत हाे गई है । पीक प्रमोशन से आरोहण के लिए गए भारत के कुन्तल करार ओर विप्लव वैद्य की मृत्यु हाेने की जानकारी पर्यटन विभाग के दिनेश बर्जाचार्य ने दी है। उनके अनुसार एक पर्वताराेही सम्पर्कविहीन है।
आठ हजार ५८६ मीटर उँचे कञ्चनजङ्घा के शिखर पर बुधबार १० नेपाली केसाथ ३६ लाेग पहुँचे थे । चाेटि पर पहुँचने के बाद लाैटने के क्रम में वैद् की थकान के कारण चौथे शिविर से उपर के क्षेत्र में गिरने से उनकी माैत हाे गई है ।
आरोहण दल के सदस्य के अनुसार आठ हजार उँचाई में पहुँचने के बाद करार काे लेक लगा था । शेर्पा के उद्धार का प्रयास करने के क्रम में उनकी मृत्यु हाे गई ।
इसी बीच बुधबार रात ८ बजे शिखर पर पहुँचने की जानकारी देने के बाद एक पर्वतारोही रोडियो फ्रान्सो भिरानो सम्पर्कविहीन है। सम्पर्कविहीन पर्वतारोही की खोज हाे रही है तथा शव नीचे लाने का प्रयास किया जा रहा है ।
कञ्चनजङ्घा विश्व का अति जोखिमपूर्ण हिमाल में से एक है । सीधी उँचाई के कारण इसके शिखर तक पहुँचना अत्यन्त ही कठिन है । माैसम में जरा भी अन्तर हाेने से कठिनाई बढ जाती है ।


