नेपाल–भारत सम्बन्ध अन्तरसम्बन्धित और अन्तरनिर्भर है : परराष्ट्रमन्त्री ज्ञवाली
काठमाडौं– 14 अगस्त

परराष्ट्रमन्त्री प्रदीपकुमार ज्ञवाली ने कहा है कि नेपाल–भारत सम्बन्ध अन्तरसम्बन्धित और अन्तरनिर्भर है। भारत के ७३ वें स्वतन्त्रता दिवस की पूर्वसन्ध्या में रिपोर्टर्स क्लब नेपाल द्वारा आज यहाँ आयोजित अन्तरक्रिया कार्यक्रम में उन्हाेंने कहा कि समृद्ध भारत नेपाल के लिए भी अवसर के द्वार खाेलता है ।
नेपाल और भारत आर्थिक विकास काे केन्द्रबिन्दु बना कर मजबूत आर्थिक साझेदारी कर रहा है और दाेनाें देशाें के बीच कई महत्तवपूर्ण याेजनाएा प्रगतिउन्मुख है ।
मन्त्री ज्ञवाली ने मोतिहारी–अमलेखगञ्ज पेट्रोलियम पाइपलाइन निर्माण सम्पन्न हाेने की जानकारी दी साथ ही इससे हाेने वाले फायदे पर भी प्रकाश डाला ।
पिछले समय में दाेनाें देशाें के बीच सहयोग के तीन क्षेत्र में आयोजना बढने का उल्लेख करते हुए सीमापार रेलमार्ग, आन्तरिक जलमार्ग तथा कृषि में साझेदारीअन्तर्गत सहयोग आगे बढने की जानकारी दी ।
राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (संयुक्त) का अध्यक्ष तथा पूर्वपरराष्ट्रमन्त्री डा.प्रकाशचन्द्र लोहनी ने कहा कि भारत विश्व में एक शक्ति के रुप में सामने आ रहा है और मानव जाति के लिए उदाहरणीय काम कर रहा है ।

भारतीय राजदूत मञ्जिभसिंह पुरी ने कहा कि नेपाल के नेता विपी, मनमोहन अधिकारी, डिल्लीरमण रेग्मी, तुल्सीलाल अमात्य आदि का भारतीय स्वतन्त्रता सङ्ग्राम में सहभागिता मात्र नहीं, बल्कि भारतीय नेताओं जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया आदि नेपाल के हनुमाननगर में शरण लेना बताता है कि दाेनाें देशाें के बीच कितना मजबूत सम्बन्ध रहा है । उन्हाेंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने चुनाव में अपेक्षा से अधिक मत लाकर एक उदाहरण कायम किया है । आज भारत विकास के क्षेत्र में तथा आर्थिक विकास के क्षेत्र में उनके नेतृत्व में आगे बढ रहा है ।
प्रधानमन्त्री मोदी ने सन् २०१८ में दाे बार नेपाल भ्रमण किया और नेपाल के जनकपुर, मुस्ताङ जैसे पर्यटकीय स्थल में उनके भ्रमण ने पर्यटकीय दृष्टिकाेण से अपना याेगदान दिया है । नेपाल–भारत सहयोग में वीरगञ्ज में अन्तर्राष्ट्रिय जाँच चौकी (आइसिपी) उद्घाटन , मोतिहारी–अमलेखगञ्ज पेट्रोलियम पाइपलाइन निर्माण सम्पन्न तथा उद्घाटन बाकी रहने,तथा गत वर्ष शिलान्यास हुए अरुण तीसरे के निर्माण की बढने की भी उन्हाेंने चर्चा की । उन्हाेंने कश्मीर की चर्चा करते हुए कहा कि यह भारत के लिए विकास और समृद्धि का मार्ग खाेलेगा ।

