कम उम्र में ही गर्भवती होनेवाली किशोरियों की संख्या में बढ़ोत्तरी
काठमांडू, १ सितम्बर । २० साल से कम उम्र में शादी करना कानूननतः अवैध है । कानून ने शादी की उम्र २० साल तय किया है, लेकिन व्यवहारिक रुप में यह कार्यान्वयन नहीं हो रहा है । अस्पतालों की तथ्यांक देखे तो पता चलता है कि २० साल से कम उम्र में ही बच्चा पैदा करनेवाली किशोरियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है ।
पनौती नगरपालिका–१० खोपासी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसुति के लिए आए कूल ६२ महिलाओं की संख्या में १२ महिलाओं की उम्र २० साल से कम है । अस्पताल के जनस्वास्थ्य इन्चार्ज शुभकार श्रेष्ठ के अनुसार यहां ग्रामिण क्षेत्र से महिला प्रसुति के लिए आती हैं । उन्होंने कहा है कि ग्रामिण क्षेत्र में लड़कीयां पढ़ाई पूरा करने से पहले ही स्कूल छोड़कर शादी कर लेती है, जिसके चलते कम उम्र में ही मां बननेवाली महिलाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है ।
इसीतरह काठमांडू स्थित परोपकार प्रसुति तथा स्त्री रोग अस्पताल की तथ्यांक के अनुसार गत आर्थिक वर्ष में यहां २२ हजार १४७ महिलाओं ने प्रसुति संबंधी सेवा ली है, उसमें से २ हजार ६८५ की उम्र २० साल से कम है । यहां तक कि ७ किशोरी का उम्र १२ से १४ साल का है । इसीतरह महाराजगंज स्थित शिक्षण अस्पताल में भी २० साल से कम उम्र में प्रसुति सेवा लेनेवाली किशोरियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है ।
यह समाचार आज प्रकाशित गोरखापत्र दैनिक में है ।

