निजगढ विमानस्थल के निर्माण में ज्यादा वृक्ष नहीं काटे जाएँगे । विकास के लिए निर्माण अत्यावश्यक
निजगढ अन्तर्राष्ट्रीय विमानस्थल के निर्माण कार्य काे समय पर ही समाप्त करने पर बल दिया गया है ।
राजधानी में हुए विमानस्थल निर्माण सम्बन्धी विशेष विचार विमर्श में सरोकारवालाें ने कहा कि देश की आर्थिक क्षेत्र के विकास, पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए निजगढ अन्तर्राष्ट्रीय विमानस्थल का निर्माण जल्द से जल्द हाेना चाहिए ।
नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के महानिर्देशक राजन पोखरेल ने कहा कि काठमाडौं से सबसे अधिक नजदीक अन्तर्राष्ट्रीय विमानस्थल निर्माण का काम आगे बढाने के लिए अधिक वन का प्रयाेग नहीं किया जाएगा ।
टाँगिया वनक्षेत्र का कुल बन क्षेत्र का शून्य दशमलव शून्य तीन प्रतिशत मात्र पेड काटा जाएगा । वातावरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन स्वीकृत का उल्लेख करते हुए उन्हाेंने कहा कि पेड काटने के लिए नेपाली सेना और पूनर्निमाण के लिए प्राधिकरण के बीच सम्झौतापत्र में हस्ताक्षर हाे चुका है ।
वन तथा वातावरण मन्त्रालय और संस्कृति पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मन्त्रालय के साथ विचार कर इस प्रकृया काे आगे बढाया जा रहा है ।
तत्कालीन हवाई विभाग के महानिर्देशक विरेन्द्रबहादुर देउवा ने कहा कि नेपाल काे गरीबि से मुक्त करने के लिए पर्यटन क्षेत्र का विकास आवश्यक है और इसके लिए पर्यटन के लिए निजगढ विमानस्थल बनना और भी आवश्यक है ।
क्याप्टेन विक्राम शाह ने कहा कि निजगढ विमानस्थल में टर्मिनल भवन, रनवे, पार्कीङ आदि संरचना निर्माण करने के लिए १९ साै हेक्टर जमीन आवश्यकहै।

