कैसा रहेगा आपका २०२० जानिए वार्षिक राशिफल
नववर्ष २०२० आ चुका है । नए साल के साथ ही ग्रहों की चाल भी बदलेगी, जिससे १२ राशियां प्रभावित होंगी । इन १२ राशियों पर होने वाले प्रभाव और बदलाव से आपकी किस्मत तय होगी। ग्रहों की चाल देखकर समझा जा सकता है कि आने वाला नया साल हमारे लिए कैसा रहेगा ? आइए जानते है वार्षिक राशिफल २०२० के बारे में ।
वर्ष २०२० का यह राशिफल पूर्णतः गोचर ग्रहों पर आधारित है। शास्त्रों में ग्रहों के विभिन्न राशिगत एवं भावगत गोचर के आधार पर जो फल कहे गए हैं, उनका इस राशिफल को तैयार करने में अनुसरण किया गया है। व्यक्ति विशेष के लिए घटित घटनाएं गोचरगत ग्रहों के फलों के अलावा अन्य तथ्यों से भी प्रभावित होते हैं।
इन तथ्यों में प्रमुख है उनकी विद्यमान दशा अंतरदशा, प्रत्यन्तर दशा, वर्ष कुंडली एवं जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति आदि। अतः प्रस्तुत राशिफल इन सीमाओं को ध्यान में रखते हुए देखा जाना चाहिए। राशिफल ग्रहों की स्थितियों के आधार पर मात्र पूर्वाकलन और मार्गदर्शन है, भविष्यवाणी नहीं है, इसे उसी दृष्टि से देखना चाहिए।
मेष राशि का वार्षिक राशिफल २०२० (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
नववर्ष के आरंभ से २९ मार्च तक उसके बाद पुनः ३० जून से १९ नवंबर तक गुरु की शुभ दृष्टि मेष राशि पर पड़ रही है। इस वजह से आप मांगलिक कार्यों पर खर्च करेंगे, आपकी धर्म कर्म में रुचि रहेगी। विद्या तथा आध्यात्म के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। अर्थात् आप किसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार कर रहे हैं तो आपके सफल होने की संभावना अधिकतम रहेगी। पढ़ाई लिखाई के क्षेत्र में इस वर्ष आप सफल रहेंगे।
नववर्ष के आरंभ से ७ फरवरी तक राशि स्वामी मंगल अष्टम भाव में होंगे, इस कारण से धर्न खर्च होगा, सेहत प्रभावित होगा, पारिवारिक समस्याएं और उलझने रहेंगी। धन के अपव्यय के साथ लाभ में कमी का भी योग रहेगा। ऐसे में आपको थोड़ा संभलकर रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।
१० सितंबर से 13 नवंबर तक मंगल वक्री रहने के कारण आपके स्वभाव में चिड़चिड़ापन और उत्तेजना रहेगी। ऐसे में अपने आपको शांत बनाए रखने का प्रयास करें।
ज्योतिषीय उपाय : मेष राशि वालों को हनुमानजी की उपासना करना अत्यंत लाभदायक रहेगा। मंगलवार वाले दिन हनुमान जी पर सिंदूर एवं तेल चढ़ाएं। मीठे पुए बांटें, लाभदायक रहेगा। पांच मुखी, आठ मुखी एवं नौ मुखी रूद्राक्ष धारण करना भी उत्तम रहेगा।
शुभ रंग : लाल, मैरून, पीला और गुलाबी।
शुभ दिनः रविवार, मंगलवार और गुरुवार।
शुभ अंक : १, २, ३, ४, ७।
शुभ देवता : सूर्य, कार्तिकेय और हनुमानजी।
शुभ व्रत : मंगलवार और अष्टमी तिथि।
वृष राशि का वार्षिक राशिफल २०२०(ई,उ,ऐ, ओ,वा,वि,वू,वे,वो)
वृष राशि के जातकों के लिए नववर्ष २०२० का प्रारंभ कुछ मन अनुकूल नहीं होगा। नववर्ष के प्रारंभ से द्दघ जनवरी तक वृष राशि पर शनि की ढैया रहेगी तथा ७ फरवरी तक मंगल की दृष्टि पड़ रही है। ऐसी स्थिति में आपको अधिक संघर्ष करना होगा। इस समय में आपके कार्यों में विध्न बाधाएं आएंगी, और इन सबके कारण आपको मानसिक तनाव भी रहेगा।
हालांकि ३ फरवरी से आपके अनुकूल समय बनना प्रारंभ होगा। ३ फरवरी से २८ फरवरी तक राशि स्वामी शुक्र उच्च राशिस्थ रहेगा। इस कारण से आपके लिए धन लाभ का योग बन रहा है। इसके साथ ही आपको उन्नति के अवसर भी प्राप्त होंगे।
आपको धैर्य से काम लेने की जरूरत पड़ेगी। २३ सितंबर से वर्ष के अंत तक वृष राशि पर राहु का संचार होगा। इस वजह से आपके बनते कार्यों में भी बाधाएं आएंगी, उन कामों में विलंब होगा। तीन माह से अधिक का समय आपके लिए चुनौतियों भरा रहेगा। आपको सूझबूझ से काम करना होगा।
उपाय : प्रत्येक शुक्रवार के दिन आठ कुंवारी कन्याओं का विधि विधान से पूजन करें और उनको खीर का भोग लगाकर खिलाएं।
शुभ रंग : क्रीम, हरा, आसमानी और काला।
शुभ अंक : ५, ६, ८।
शुभ देवता : श्री गणेश, मां लक्ष्मी एवं हनुमानजी।
शुभ व्रत : शुक्रवार और पंचमी तिथि।
मिथुन राशि (क, की,कु,घ, ड,छ, के,को,ह)
मिथुन राशि के जातकों के लिए नववर्ष में अचानक धन लाभ को योग बन रहा है। इस वर्ष आपके मान सम्मान तथा वर्चस्व में वृद्धि के भी संकेत मिल रहे हैं। हालांकि आप पूरे वर्ष भर शनि देव के प्रभाव में रहेंगे।
नववर्ष के आरंभ से लेकर २२ सितंबर तक मिथुन राशि पर राहु का संचार हो रहा है। इसके अतिरिक्त द्दद्ध जनवरी से वर्ष द्दण्द्दण् के अंत तक शनि की ढैया का अशुभ प्रभाव भी आप पर रहेगा। राहु और शनि के प्रभाव के कारण आपके प्रत्येक कार्य में विघ्न(बाधाएं आएंगी। जिन कार्यों को आप समय पर पूरा करना चाहेंगे, उनमें देरी होगी।
मई के अंत से अगस्त के प्रारंभ के बीच का समय आपके लिए सुखद रहने वाला है। द्दद्ध मई से १ अगस्त के मध्य बुध स्वराशिस्थ हो रहा है, ऐसे में आपको अचानक धन लाभ हो सकता है। मानसम्मान बढ़ेगा, जिससे आपके वर्चस्व में भी वृद्धि होगी। इस समय में आपके बिगड़े काम बनेंगे। आप अपने महत्वपूर्ण कार्यों को इस समयकाल में कर सकते हैं, जिनके सफल होने की संभावना अधिक होगी।
आपको वर्ष भर संयम के साथ आगे बढ़ना होगा। शनि के प्रभाव से बचने के लिए आपको कुछ उपाय करने होंगे।
उपाय : शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनि मंत्र का जाप करें। प्रत्येक शनिवार को छाया दान करें एवं शनिवार को हनुमानजी को तेल का चोला चढ़ाएं, इससे लाभ होगा।
शुभ रंग : हरा, सफेद, नीला और हल्का पीला।
शुभ अंक : १, ५ और ६ ।
शुभ देवता : विघ्नहर्ता गणेश, मां दुर्गा, श्री भैरव जी।
शुभ व्रत : बुधवार और चतुर्थी तिथि।
कर्क राशि : (हि, हु,हे, हो,डा, डी, डु,डे,डो)
नववर्ष २०२० में कर्क राशि के जातकों को थोड़ा संयम और धैर्य रखने की जरूरत है। परिस्थितियां वर्षभर आपकी परीक्षा लेंगी, हालांकि नए वर्ष में आप कुछ मांगलिक एवं रचनात्मक कार्य भी कर सकते हैं।
नववर्ष २०२० में ८ फरवरी से २३ मार्च तक मंगल की अष्टम दृष्टि पड़ रही है। फिर २२ मार्च से ३ मई तक सप्तम दृष्टि पड़ेगी। इसके बाद फिर १६ अगस्त से ३ अक्टूबर तक चतुर्थ नीच की दृष्टि रहेगी, इस कारण से आपको मानसिक तनाव और क्रोध बढ़ेगा। ऐसे में आपको संयम के साथ रहने की आवश्यकता पड़ेगी। मानसिक तनाव और क्रोध में कोई फैसला न लें, ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति सही फैसला नहीं ले पाता है।
सलाह है कि आप वर्षभर स्वयं को व्यर्थ के विवादों से बचाकर रखें। व्यर्थ के विवादों के कारण आपके बनते काम भी बिगड़ सकते हैं। ३० मार्च से २९ नवंबर तक गुरु की शुभ उच्च दृष्टि पड़ रही है, ऐसे में आपकी शुभ कार्यों की ओर मानसिकता बनेगी। घण् मार्च से २९ नवंबर के मध्य आप मांगलिक कार्य की योजना बनाकर उसे मूर्त रूप दे सकते हैं। मांगलिक कार्यों में जैसे विवाह, उपनयन संस्कार, गृह प्रवेश, संतान के जन्म का उत्सव आदि शामिल है।
उपाय : २४ जनवरी से लगातार वर्षभर शनिवार व्रत के साथ शनि मंत्रों का जाप करना भी उचित रहेगा। भगवान शिव एवं माता दुर्गा की नित्य उपासना करें।
शुभ रंग : क्रीम, लाल, पीला एवं कत्थई।
शुभ अंक : १, २ और ५।
शुभ देवता : भगवान शिव, कार्तिकेय और श्रीहरि विष्णु।
शुभ व्रत : सोमवार, प्रदोष और पूर्णिमा।
सिंह राशि : (म,मी,मू,मे, मो,टा, टी,टू, टे)
सिह राशि के जातकों के लिए नववर्ष २०२० भाग्योदय वाला रहेगा। इस वर्ष आपको करियर या बिजनेस में तरक्की मिल सकती है। जो भी कार्य आपका अधूरा है या प्रारंभ करना चाहते हैं, तो आपके लिए यह उत्तम वर्ष हो सकता है। यह वर्ष आपके लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आ रहा है।
नए वर्ष के प्रारंभ से लेकर 29 मार्च तक और फिर 39 जून से लेकर 19 नवंबर तक सिंह राशि पर गुरु ग्रह की शुभ नवम दृष्टि पड़ रही है। गुरु की शुभ दृष्टि पड़ने से आप शुभ कार्यों को करने के लिए प्रेरित होंगे। इससे आपके परिवारिक जीवन, करियर या बिजनेस में काफी लाभ मिल सकता है।इस वर्ष में आपके लिए अचानक धन लाभ का योग बन रहा है। हो सकता है कि अचानक बिजनेस में कोई बड़ी डील मिल जाए या नौकरी में बोनस या फिर परिवार और रिश्तेदारों से आकस्मिक आर्थिक लाभ मिल जाए।
इस वर्ष आपके लिए सुख–सुविधाओं में वृद्धि का योग है। 28 सितंबर से 22 अक्टूबर तक शुक्र सिंह राशि मे रहने के कारण भौतिक सुखों में वृद्धि का कारक होगा। आपके कार्य या व्यवसाय में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।
उपाय ः वर्षभर आप आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। लाल बैल को गुड़ खिलाएं। सूर्य देव को जल चढ़ाएं। ईश्वर की कृपा प्राप्त होगी।
शुभ रंगः केसरिया, मैरून, पीला और गुलाबी।
शुभ अंकः १, ३, ५ और ९
शुभ देवता ः सूर्य, भगवान राम और हनुमान जी।
शुभ व्रत ः रविवार और द्वादशी तिथि।
कन्या राशि ः (टो, पा,पी,पू,ष,ठ,पे,पो)
कन्या राशि के लोगों के लिए नववर्ष २०२० चुनौतियों भरा रहेगा, हलांकि आपको लाभ के भी अवसर मिलेंगे। इस वर्ष आपको अपने क्रोध, तनाव और व्यर्थ की उलझनों पर पार पाना होगा। इसके लिए आपको योग, ध्यान, प्राणायाम आदि का अभ्यास करना चाहिए।
नए साल के आरंभ से २३ जनवरी तक कन्या राशि के जातक शनि की ढैया के अशुभ प्रभाव में रहेंगे। इस कारण से आपको अपने बिजनेस में उलझने और समस्याएं आएंगी। वहीं, शनि के ढैया के कारण ही गृह क्लेश भी बढ़ेगा। ऐसे में आपको संयम और सूझबूझ से काम लेना होगा।
वर्ष के प्रारंभिक माह के बाद तीन महीने और चुनौतियों का सामना करना होगा। दिनांक ३०मार्च से २९ जून तक गुरु की शत्रु दृष्टि कन्या राशि पर पड़ रही है, इसके कारण आपको कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लाभ के योग भी बनेंगे।
कन्या राशि के जातकों पर ४ मई से १५ अगस्त तक और फिर ४ अक्टूबर से २३ दिसंबर तक मंगल की दृष्टि पड़ रही है। मंगल की दृष्टि की वजह से कन्या राशि के जातकों को मानसिक तनाव और व्यर्थ की उलझने बढ़ सकती हैं।
उपाय ः प्रत्येक बुधवार को गायों को हरा चारा डालें। संभव हो तो तोता पालें। बुध मंत्र का नियमित जाप करें, निश्चित ही लाभ होगा।
शुभ रंग ः क्रीम, हरा, नीला और काला।
शुभ अंक ः १, ५ और ६।
शुभ देवता ः श्री गणेश, भगवान विष्णु और संकटमोचन हनुमान जी।
शुभ व्रत ः बुधवार और चतुर्थी तिथि।
तुला राशि ः (रा,री,रु,रे,रो,ता,ति, तु, ते)
नववर्ष २०२०तुला राशि के जातकों के लिए कार्य क्षेत्र में परिवर्तन का योग लेकर आ रहा है। हो सकता है कि आपका वर्तमान नौकरी या बिजनेस से मोह भंग हो जाए और आप कोई नई नौकरी या बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। यह आपके जीवन की नई दिशा तय कर सकता है।
२४ जनवरी से वर्ष के अंत तक तुला राशि पर शनि की ढैया का प्रभाव रहेगा। इस कारण से हो सकता है कि आपका स्थान परिवर्तन हो जाए। फिलहाल आप जहां काम कर रहे हैं, वहां से तबादला हो सकता है। शनि की ढैया के प्रभाव से कार्य क्षेत्र में भी परिवर्तन का योग है।
यद्यपि इस राशि के लिए शनि राजयोग कारक ग्रह है। आपको मानसिक तनाव भी रह सकता है। १८ जून से वर्ष के अंत तक शनि के साथ मंगल की भी सप्तम और अष्टम दृष्टि पड़ रही है, इस वजह से आपको तनाव और क्रोध की अधिकता रहेगी।
उपाय ः तुला राशि के जातक श्री दशरथ कृत शनि स्तोत्र का नियमित पाठ करें। इससे आपका कल्याण होगा।
शुभ रंग ः सफेद, हरा, क्रीम और बैगनी।
शुभ अंक ः ५, ६ और ८।
शुभ देवता ः भगवान शिव, विध्सनहर्ता श्री गणेश जी और हनुमान जी।
शुभ व्रत ः शुक्रवार एवं पंचमी तिथि।
वृश्चिक राशि ः (तो,ना,नी, नू,ने,नो,या,यी, यू)
नए साल २०२० में वृश्चिक राशि के जातकों की आर्थिक परेशानियां कम होंगी। शनिदेव के प्रभाव से आप मुक्त हो जाएंगे, इसलिए आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। एक तरह से कहें तो आपके लिए यह वर्ष पहले की तुलना में कुछ ठीक रहेगा।
२४ जनवरी से वृश्चिक राशि से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव समाप्त हो जाएगा। यानी आपके संघर्ष के दिनों का अंत हो जाएगा। पहले आपके काम में जो भी बाधाएं आती थीं, वो अब नहीं आएंगी। आपके बिगड़े हुए कार्यों में सुधार होना प्रारंभ हो जाएगा। बिगड़े काम बनेंगे। सफलता की दर पहले से ज्यादा होगी।
सितंबर के बाद का समय आपके लिए चुनौतीपूर्ण होगा। १० सितंबर से १३ नवंबर तक मंगल वक्री रहेगा, वहीं २३ सितंबर से वर्ष के अंत तक वृश्चिक राशि पर केतु विराजमान रहेगा। मंगल और केतु के कारण आप मानसिक तनाव में रहेंगे। सितंबर के बाद से आपके कार्यों में रुकावटें आने लगेंगी। ऐसे में आप अपनी जिन भी योजनाओं को मूर्त रूप देना चाहते हैं, उनको सितंबर से पहले कर लें।
उपाय ः वृश्चिक राशि के जातकों के लिए वर्षभर सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, बजरंग बाण का पाठ करना श्रेष्ठ रहेगा।
शुभ रंग ः पीला, सफेद, गुलाबी और लाल।
शुभ अंक ः १, २, ३ और ९।
शुभ देवता ः भगवान शिव, कार्तिकेय और संकटमोचन हनुमान जी।
शुभ व्रत ः मंगलवार और अष्टमी तिथि।
धनु राशि ः (ये,यो,भा, भी,भू,धा,पÞm,ढ,भे)
नववर्ष २०२०में धनु राशि के जातकों पर शनिदेव का प्रभाव रहेगा। शनि के प्रभाव के कारण आपके जीवन में कई तरह की समस्याएं आ सकती हैं। हालांकि नववर्ष के शुरुआती तीन माह आपके लिए अच्छे रहेंगे। शुरुआती इन तीन महीनों में आप किसी कार्य योजना को मूर्त रूप देना चाहते हैं तो सफल हो सकते हैं।
वर्ष के प्रारंभ से २८ मार्च तक धनु राशि के स्वामी गुरु ग्रह की स्वराशिस्थ धनु राशि में ही संचार करेंगे। गुरु के प्रभाव से इन महीनों में आपको अपने कर्मों के शुभ फल की प्राप्ति होगी। इस दौरान धार्मिक गतिविधियों में आपकी रुचि बढ़ेगी।
इस पूरे वर्ष धनु राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। इस वजह से कई तरह की समस्याओं और उलझनों का सामना करना पड़ेगा। बनते हुए कार्य बिगड़ते नजर आएंगे।
29 मार्च से २९ जून तक, फिर २० नवंबर से वर्षान्त तक गुरु ग्रह अपनी नीच राशि मकर में भ्रमण करेगा, इसके परिणामस्वरूप जातकों के लिए मानसिक एवं आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी। इसके आपको योग, ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।
उपाय ः धनु राशि के जातक प्रत्येक शनिवार को छाया दान करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमानजी को चोला भी चढ़ाएं।
शुभ रंग ः पीला, गुलाबी और केसरिया।
शुभ अंक ः १, २, ३ और ९।
शुभ देवता ः सूर्य देव, श्रीहरि विष्णु और हनुमान जी।
शुभ व्रत ः गुरुवार और एकादशी।
मकर राशि ः (भो,जा,जी,खी,खु,खे,खो,गा,गी)
नववर्ष २०२० मकर राशि के जातकों के लिए आय और योजनाओं की दृष्टि से ठीक रहेगा। नौकरी या बिजनेस करने वालों के लिए आय का स्रोत बना रहेगा। आर्थिक मामलों से संबंधित हिसाब किताब ठीक रखना, आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
इस वर्ष मकर राशि के जातकों पर पूरे साल शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। द्दद्ध जनवरी से वर्ष के अंत तक शनि ग्रह अपनी राशि पर भम्रण करेगा। इसके कारण आपके लिए संघर्षपूर्ण परिस्थितियां बनेंगी, आपको धैर्य और सूझबूझ से काम करने की जरूरत पड़ेगी।
शनि के प्रभाव के बावजूद आय के साधन उपलब्ध होंगे। आर्थिक स्थिति डांवाडोल नहीं रहेगी। इस वर्ष आप नई योजनाओं को प्रारंभ कर सकते हैं या फिर पहले की सोची हुई योजनाओं को मूर्त रूप दे सकते हैं।
३० मार्च से २९ जून तक और फिर २० नवंबर से वर्ष के अंत तक गुरु ग्रह मकर राशि पर नीचस्थ रहेगा। इस कारण से आपको पार्टनरशिप वाले बिजनेस से बचना चाहिए। गुरु ग्रह के नीचस्थ होने से पार्टनरशिप वाले बिजनेस में अपने पार्टनर से मतभेद हो सकते हैं।
उपाय ः इस राशि के जातकों के लिए शनि से संबंधित उपाय करना लाभदायक रहेगा।
शुभ रंग ः नीला, काला और हल्का हरा।
शुभ अंक ः ५, ६ और ८।
शुभ देवता ः श्री गणेश, भैरव और भगवान श्रीकृष्ण।
शुभ व्रत ः शनिवार और अष्टमी।
कुम्भ राशि ः (गू,गे, गो,सा,सी,सू,से,सो,दा)
नया साल कुम्भ राशि के जातकों के लिए चुनौतियों भरा रहेगा। परिवार, नौकरी या बिजनेस के क्षेत्र में आपको नई नई चुनौतियां आएंगी, जो आपके संयम, बुद्धि और विवेक की परीक्षा लेंगी। इस साल आप कोई ऐसे फैसले न लें, जिससे की आपके आय के साधनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़े।
वर्ष २०२०में २४ जनवरी से वर्ष के अंत तक कुम्भ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। इस कारण से परिवार एवं बिजनेस के क्षेत्र में परिश्रम से ही परिणाम प्राप्त हो सकेंगे। साढ़ेसाती के वजह से आपके आय के साधनों में कमी आ सकती है। इस वर्ष खर्च की अधिकता रहेगी, ऐसे में आप फिजूलखर्ची से बचें।
४ मई से १७ जून तक मंगल का कुम्भ राशि पर भ्रमण होगा और ११ मई से द्दड सितम्बर तक शनि वक्री रहेगा। इन कारणों से आपको बिजनेस एवं घर के संबंध में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
नए वर्ष २०२० में आपको सर्तक रहना होगा। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। कुम्भ राशि के जातकों के लिए इस वर्ष दुर्घटना के शिकार होने की आशंका है। आप इस वर्ष किसी कार्य में जोखिम न लें, इससे आपको हानि हो सकती है।
उपाय ः कुम्भ राशि वाले जातकों को शनि संबंधित उपाय करना श्रेष्ठ रहेगा। शनि मंत्र का जाप करें। सात शनिवार शनि मंदिर में शनि कवच का पाठ करें। पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से अवश्य ही लाभ होगा।
शुभ रंग ः काला, नीला, हरा, क्रीम और पीला।
शुभ अंक ः ५, ६ और ८।
शुभ देवता ः श्रीहरि विष्णु, गणेश जी और भैरव जी।
शुभ व्रत ः शनिवार और अष्टमी।
मीन राशि ः (दि,दु,थ,झ,ज्ञ,दे,दो,चा,चि)
मीन राशि के जातकों के लिए नववर्ष २०२० सफलताओं वाला रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से सुधरेगी और बेहतर होगी। बिजनेस के क्षेत्र में लिया गया आपका फैसला आपकी तरक्की का मार्ग खोल सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यह वर्ष ठीक रहेगा।
मीन राशि का स्वामी बृहस्पति ग्रह है, जो नववर्ष के प्रारंभ से २९ मार्च तक स्वराशिस्थ धनु में भ्रमण करेगा। इसके बाद फिर ३० जून से १९ नवंबर तक बृहस्पति स्वराशिस्थ धनु में भ्रमण करेगा। इसकी वजह से आपको बिजनेस के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। बृहस्पति आपको आय में भी वृद्धि कराएगा। आप अपने बिजनेस से जुड़े फैसले नववर्ष के प्रारंभ से २९ मार्च और ३० जून से १९ नवंबर के बीच लें तो आपके लिए लाभदायक हो सकता है। इस समय काल में आप बिजनेस से संबंधित अपनी योजनाओं को मूर्त रूप दे सकते हैं।
८ फरवरी से २१ मार्च तक मीन राशि पर मंगल की दृष्टि रहेगी, इस कारण से आपको कुछ चिंताएं रहेंगी। आप तनाव और क्रोध से दूर रहें। इसके लिए आप योग, ध्यान आदि का अभ्यास करें, तो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा।
उपाय ः मीन राशि के जातकों को रत्न शक्ति लॉकेट धारण करना चाहिए। सात मुखी, आठ मुखी या नौ मुखी रूद्राक्ष धारण करना भी लाभदायक होता है। भगवान शिव एवं श्रीहरि विष्णु जी की उपासना करनी चाहिए। केले एवं पीपल के वृक्ष पर नित्य जल चढ़ाएं। चींटियों को चुग्गा एवं कबूतरों को दाना डालना चाहिए।
शुभ रंग ः सफेद, मैरून, पीला और गुलाबी।
शुभ अंक ः १, २, ३ और ९।
शुभ देवता ः भगवान शिव, कार्तिकेय और श्रीहरि विष्णु।
शुभ व्रत ः गुरुवार एवं एकादशी।

