Fri. Jun 19th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार कोरोना वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के सकारात्मक परिणाम

 

कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में ब्रिटेन को बड़ी कामयाबी मिली है। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की गई कोरोना वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कोरोना वायरस वैक्सीन को इंसानी शरीर के लिए सुरक्षित पाया गया है। वैज्ञानिकों ने ह्यूमन ट्रायल के दौरान पाया कि इस वैक्सीन से लोगों में कोरोना वायरस से लड़ने की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई है। कोरोना महामारी के इस दौर में दुनियाभर के कई देशों में चल रहे वैक्सीन निर्माण की कड़ी में यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में:

यह भी पढें   भारत के बहराईच में बाँके जिला के चार पत्रकार सम्मानित हुये 

इस वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल में 1077 लोगों को शामिल किया गया था। जिन लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई, उनके शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले श्वेत रक्त कण और एंटीबॉडी विकसित होने के सबूत मिले हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक ह्यूमन ट्रायल के नतीजों से खासे उत्साहित हैं। उनका कहना है कि इस सफलता के बाद वे बड़े स्तर पर ह्यूमन ट्रायल करके वैक्सीन के कारगर होने की पुष्टि करेंगे। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन की सरकार ने पहले से ही इस वैक्सीन की 100 मिलियन यानी 10 करोड़ डोज तैयार करने का ऑर्डर दे रखा है।

यह भी पढें   पर्यावरण को स्वच्छ एवं  सुरक्षित बनाए एकेसी सिंह उपमहानिरीक्षक 

ऐसे बनाई गई है वैक्सीन
इस ChAdOx1 nCoV-19 वैक्सीन को बहुत तेजी से विकसित किया गया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इसे जेनेटिकली इंजीनियर्ड वायरस की मदद से तैयार किया गया है। इस वायरस के चलते चिम्पैंजी को सामान्य सर्दी-जुकाम होता है। इस वायरस में जेनेटिक बदलाव लाकर वैक्सीन को तैयार किया गया है। इसे प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में वायरल वेक्टर कहा जाता है। इसमें इस तरह बदलाव किया गया है कि यह लोगों को संक्रमित न कर सके और कोरोना वायरस से लड़ने की क्षमता पैदा कर सके।

यह भी पढें   गोविन्द बहादुर बटाला ने अदालत में किया आत्मसमर्पण, डिल्लीबजार कारागार भेजे गए

सुरक्षित लेकिन मामूली साइड इफेक्ट भी
यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित बताई जा रही है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स भी देखे गए हैं। ये नुकसानदायक नहीं है, बल्कि मामूली हैं। वैक्सीन लेने वाले 70 फीसदी लोगों में बुखार और सिरदर्द की शिकायत देखी गई है। हालांकि शोधकर्ताओं की मानें तो इन समस्याओं को पैरासिटामोल जैसी सामान्य दवा से दूर किया जा सकता है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *