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लेखकद्वय गोपाल अश्क एवं डा‍ विश्वम्भर शर्मा लिखित पुस्तक ‘भाषा र भोजपुरी भाषा’ का विमोचन

 

लेखकद्वय गोपाल ‘अश्क’ एवं डॉ विश्वम्भर शर्मा लिखित पुस्तक ‘भाषा र भोजपुरी भाषा’ का विमोचन नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के कुलपति श्री गंगाप्रसाद उप्रेती जी के द्वारा किया गया । पुस्तक पर समीक्षात्मक व्याख्यान श्री डॉ देवी नेपाल जी(प्राज्ञ, प्राज्ञ परिषद, नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान) द्वारा किया गया । आपने कहा कि “उक्त पुस्तक नेपाली भाषा–भाषी के लिए भी अत्यन्त उपयोगी है क्योंकि, पुस्तक नेपाली भाषा में है, जिसके कारण भोजपुरी के विषय में नेपाली भाषा के लोग भी विस्तारपूर्वक जान पाएँगे । भोजपुरी भाषा की संरचना व्याकरण क्षेत्र पर उक्त पुस्तक गहनता से प्रकाश डालता है ।”

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इसी प्रकार पुस्तक के विषय में प्राध्यापक डॉ.देवीप्रसाद गौतम ने विस्तृत जानकारी दी । भाषा की उत्पत्ति और विस्तार पर आपने प्रकाश डाला । आपने कहा कि पुस्तक ‘भाषा र भोजपुरी भाषा’ भोजपुरी भाषा की प्रारम्भिक जानकारी के लिए अत्यन्त ही उपयोगी साबित होगी । उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके बाद इसे और विस्तार दिया जाएगा ।


प्रमुख अतिथि कुलपति श्री गंगाप्रसाद उप्रेती ने पानस में दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया था । आपने शुभकामना देते हुए कहा कि पुस्तक निश्चय ही साहित्य समाज में मील का पत्थर साबित होगी और यह एक राष्ट्रीय कृति साबित होगी ।
शुभकामना देते हुए साहित्यकार दिनेश गुप्ता जी ने कहा कि भोजपुरी साहित्य में उक्त पुस्तक अत्यन्त ही महत्त्वपूर्ण साबित होगी । उन्होंने कहा कि लेखकद्वय की चर्चा के बिना भोजपुरी साहित्य की चर्चा ही असम्भव है ।
शुभकामना व्यक्त करने के क्रम में डॉ.श्वेता दीप्ति ने कहा कि निश्चय ही लेखकद्वय ने पुस्तक के विषयवस्तु से न्याय किया होगा और भोजपुरी भाषा के प्रचार और प्रसार में पुस्तक का महत्तवपूर्ण योगदान होगा ।
पुस्तक का प्रकाशन ऐरावती प्रकाशन ने किया है । आकर्षक आवरण से सज्जित पुस्तक आकर्षित करती है । स्वागत मंतव्य डा विश्वम्भर शर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन कृतिकार गोपाल अश्क ने किया तथा कार्यक्रम समापन की घोषणा कार्यक्रम के अध्यक्ष (ऐरावत प्रकाशन के कार्यकारी अध्यक्ष) श्री रामदेव पाण्डेय जी ने किया । कार्यक्रम का कुशल संचालन साहित्यकार रुपक अलंकार जी ने किया ।

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