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विशेष महाधिवेशन में दिखी गगन की मुस्कान: चालाकी या राजनीतिक जटिलता ?

 

काठमांडू, ११ जनवरी । नेपाली कांग्रेस के विशेष महाधिवेशन के उद्घाटन सत्र में महामंत्री गगनकुमार थापा की मुस्कान इन दिनों पार्टी राजनीति का केंद्र बन गई है। यह मुस्कान आत्मविश्वास की है या किसी गहरी राजनीतिक चाल की—इसी को लेकर कांग्रेस के भीतर और बाहर तीखी बहस शुरू हो गई है।

पार्टी के संस्थापन पक्ष के विरोध के बावजूद महामंत्री गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा ने विशेष महाधिवेशन आयोजित कर यह संदेश दिया है कि वे केवल औपचारिक पदाधिकारी नहीं, बल्कि संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाने को तैयार नेता हैं। विधान के अनुसार 40 प्रतिशत महाधिवेशन प्रतिनिधियों की मांग के तीन महीने के भीतर विशेष महाधिवेशन होना चाहिए था, लेकिन संस्थापन पक्ष ने नियमित महाधिवेशन की तिथि तय कर इसे आगे बढ़ाने की कोशिश की। इसके बावजूद, दोनों महामंत्रियों ने केंद्रीय कार्यालय के अधिकार का प्रयोग करते हुए विशेष महाधिवेशन आयोजित कर दिया।

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भृकुटीमंडप में आयोजित उद्घाटन सत्र में कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पार्टी सभापति शेरबहादुर देउवा और नेता शेखर कोइराला सहित कई शीर्ष नेता भले ही अनुपस्थित रहे, लेकिन उनके समर्थक प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने माहौल को राजनीतिक रूप से गर्म रखा।

आयोजक समिति के अनुसार दोपहर चार बजे तक 49 प्रतिशत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर जुट चुके थे, जबकि कुल 54 प्रतिशत प्रतिनिधियों ने विशेष महाधिवेशन की मांग की थी। यह आंकड़ा ही गगन थापा की मुस्कान के पीछे के आत्मविश्वास को समझने के लिए काफी माना जा रहा है।

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इस बार बैठने की व्यवस्था भी प्रतीकात्मक रही—नेता मंच पर चटाई पर बैठे, बिना सोफा या कुर्सी के, जबकि नीचे प्रतिभागियों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई। इसे ‘नेतृत्व और कार्यकर्ता के बीच दूरी कम करने’ का संदेश बताया जा रहा है।

अब असली बहस इस बात पर है कि यह विशेष महाधिवेशन केवल नीति-निर्धारण तक सीमित रहेगा या इससे पार्टी नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया शुरू होगी। एक धड़ा इसे नीति महाधिवेशन बनाने के पक्ष में है, जबकि दूसरा धड़ा सीधे नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है।

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ऐसे में गगन थापा की मुस्कान—किसी के लिए राजनीतिक कुशलता का प्रतीक है, तो किसी के लिए जटिल सत्ता-संतुलन की अभिव्यक्ति। सवाल यही है: यह मुस्कान कांग्रेस की नई दिशा की शुरुआत है या पार्टी के भीतर एक और बड़े टकराव का संकेत?

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