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सर्वोच्च अदालत द्वारा संसद् पुनर्स्थापना, १३ दिनों के भीतर संसद् अधिवेशन बुलाने का आदेश

 

काठमांडू, २३ फरवरी । सर्वोच्च अदालत ने प्रतिनिधिसभा (संसद्) पुनर्स्थापना का फैसला किया है । प्रधानन्यायाधीश चोलेन्द्र शमशेर जबरा, न्यायाधीश विश्वम्भर प्रसाद श्रेष्ठ, अनिलकुमार सिंहा, सपनाप्रधान मल्ल, तेजबहादुर केसी सम्मिलित संवैधानिक इजलास ने प्रतिनिधिसभा बिघटन को बदर करने का आदेश दिया है । संसद् पुनर्स्थापना के साथ साथ सर्वोच्च अदालत ने अब १३ दिनों के भीतर ही संसद् अधिवेशन बुलाने के लिए आदेश दिया है ।
स्मरणीय है, गत पौष ५ गते प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली द्वारा सिफारिश होने पर राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी संसद् बिघटन किया था । संसद् बिघटन होते ही आगामी वैशाख १७ और २७ गते के लिए आम निर्वाचन का मिति भी घोषणा की गई थी । लेकिन संसद् बिघटन को असंवैधानिक मानते हुए नेकपा के ही एक समूह और संसद् में प्रतिनिधित्व करनेवाले राजनीतिक पार्टी सड़क संघर्ष में उतर आए थे ।
संसद् पुनस्र्थापना होने के बाद अब प्रधानमन्त्री ओली के बदले देश में नयां प्रधानमन्त्री की खोजी शुरु होनेवाली है । संसद् पुनर्स्थापना को नेकपा के ही प्रचण्ड–माधव समूह तथा प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस एवं अन्य दलों ने स्वागत किया है ।

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