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अख्तियार आयोग के छापे ने मुख्यमंत्री की ईमानदारी पर लगा दिया प्रश्न चिन्ह

 

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । नेपाल के एक मात्र मधेशवादी दल का सरकार प्रदेश दो में है।हांलाकि मधेशी दल के फूट के बाद नेपाली कांग्रेस,माओवादी तथा एमाले.समाजवादी के गठवंधन की सरकार है।अपने चार साल के कार्यकाल में प्रदेश दो में मुख्य मंत्री मो.लाल बाबू राउत ने जो काम किए उनकी प्रशंसा विपक्षी दलों ने भी किया।बेटी बचाओ,बेटी पढाओ योजना के तहत नौंवी कक्षा के छात्राओं को साइकिल योजना में वे काफी सुर्खियां बटोरे।लेकिन अख्तियार (इडी)के छापा ने उनकी ईमानदारी पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है।साइकिल खरीद में ब्रांडेड कंपनी की साइकल न खरीदकर किसी अन्य कंपनी की साइकल खरीदना,साइकल का बिल अधिक पेश करना जैसी बातें सामने आना एक चर्चा का बिषय बन गया है।इस कारवाई को उनके पार्टी मधेशवादी दल की सरकार को बदनाम करने की बात कहीं है।अब प्रश्न उठता है कि केन्द्र में अभी नेपाली कांग्रेस,माओवादी ,एमाले समाजवादी के साथ शामिल है।अख्तियार का छापा मारने का श्रेय केन्द्र पर जाती है लेकिन जसपा के नेता इसे पूर्व प्रधान मंत्री के.पी.शर्मा.पर दोष मढ रही है।अख्तियार आयोग के प्रमुख की नियुक्ति ओली ने ही अपने प्रधान मंत्री कार्यकाल में किया है।नेपाली कांग्रेस,माओवादी , एमाले समाजवादी के नेता इस छापेमारी पर चुप्पी साधे है।लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी नेपाल के वरिष्ठ नेता तथा प्रदेश दो के पूर्व भौतिक पूर्वाधार मंत्री जीतेन्द्र सोनल ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा की मांग की है।इधर अख्तियार छापेमारी के विरोध में मशाल जुलूस,मोटर साइकिल रैली निकालकर बिरोध जता रहे है।अख्तियार की जांच के बाद क्या गुल खिलेगा।यह तो समय बतायेगा,फिलहाल मुख्यमंत्री की मुश्किल खत्म होती दिखाई नहीं दे रही है ।

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