जानकी गावँपालिका बन्जारे गावँ में बिश्वकर्मा बाबा की पूजा अर्चना
नेपलगंज, पवन जयसवाल। बाँके जिला के जानकी गावँपालिका वार्ड नं.–३ बन्जारेगावँ में असोज १ गते शनिवार को बिश्वकर्मा बाबा धूमधाम के साथ मनाया गया हैं ।
जानकी गावँपालिका वार्ड नं.–३ बन्जारेगावँ निवासी गुरुप्रसाद बिश्वकर्मा ने असोज १ गते शनिवार को अपने निवास पर ही बिश्वकर्मा बाबा की पूजा आजा करके भव्यता के साथ मनाया गया ।
बन्जारे गावँ में गुरु प्रसाद बिश्वकर्माद्वारा सञ्चालित कषि औजार मरम्मत केन्द्र में बिश्वकर्मा बाबा का पूजाआजा असोज १ गते किया गया था जिस में पडोसी मित्र राष्ट्र भारत जिला बहराईच हजूरपुर के निवासी कीर्तनकारों ने उसी अवसर पर रातभर भजन कीर्तन करके दर्शकों को मनोरञ्जन कराया था ।
भारत से आये हुयें कीर्तनकारों में रामनरेश बिश्वकर्मा, रामकुमार बिश्वकर्मा, जगदम्मा शरण बिश्वकर्मा, शोभाराम बिश्वकर्मा, शिवमंगल बिश्वकर्मा, अरुण कुमार बिश्वकर्मा, अमित कुमार बिश्वकर्मा, और नेपाल की ओर से बन्जारेगावँ के गायक एवं हारमोनियम, पैड वादक नितेश कुमार विश्वकर्मा, गुरुप्रसाद बिश्वकर्मा, साहेबशरण बिश्वकर्मा, राम कुमार बिश्वकर्मा लगायत ने रातभर कीर्तन करके मैफिल मजाये थे । इसी तरह हरेक वर्ष बिश्वकर्मा पूजा करते आ रहें हैं । वह बिश्वकर्मा बाबा के पूजा में बाँके जिला के नेपालगन्ज–१२ बेलासपुर रहा रेडियो कृष्णसार एफ.एम.दुवारे मुँहारे की कार्यक्रम प्रसतोता चन्दा सिंह और बाजार प्रतिनिधि तथा नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज बाँके जिला के सल्लाहकार पवन जायसवाल भी सहभागी हुये थे । जानकी गावँपालिका वार्ड नं.–३ रमवापुर में हरेक शनिवार को पशुबाजार लगते आ रहो है वहबाजार में गुरुप्रसाद बिश्वकर्मा ने अपना बनाया हुआ कृषि सम्बन्धि औजार भी बेचत आ रहें हैं ।
बिभिन्न कलकारखाना में विश्वकर्मा पूाजा के दिन बिश्वकर्मा बाबा की मूर्ति वा तस्वीर रखकर बिधिपूर्वक पूजा आराधना करके यह पूजा मनाते हैं । .कलकारखाना को विशेष रूप से सजाकर मजदूरों को भी सहभागी कराकर यह पूजा किया जाता है । इसी तरह साधनों जैसे बस, ट्रक, टिप्पर, ट्रेक्टरट्राली,कार, मोटरसाइकल लगायत के साधनों को बिश्वकर्मा पूजा के दिन सुबह खूब पानी से सफा करके धोकर साधन में रिबन बाँधकर, उसके बाद बिश्वकर्मा बाबा का मूर्ती वा तस्बीर रखकर पूजाआजा करते हैं । प्रेस, छापाखाना, कलकारखाना, मोटर ग्यारेज, फैक्ट्री, ईट्टा भट्ठा लगायत जगह में काम करने वाले कामदारों को बोलाकर बिश्वकर्मा बाबा का पूजा आजा किया जाता है और यउसके बाद में प्रसाद खाते है और अपने ईष्टमित्रों को प्रसाद बाँटते है ।


