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जनकपुर की विकास परियोजना दातृराष्ट्र भी निराश

 

कैलाश दास:नेपाल के धार्मिक स्थलों में जनकपुर का नाम सबसे ऊपर है, मगर यहाँ की सडकें, नाला और जर्ीण्ा मन्दिरों के कारण इसकी आलोचना भी ऊतनी ही होती janakpurtodayआयी है। जहाँ तक जनकपुर के विकास की बात है तो नेपाल सरकार से ज्यादा दातृ राष्ट्र में उत्सुकता अधिक देखी गयी है, चाहे वह भारत सरकार हो, थाइल्याण्ड सरकार हो वा एशियाली विकास बैंक ही क्यो न हो। अगर इन सभी के सहयोग का सदुपयोग किया गया होता तो जनकपुर अभी नेपाल का सबसे बडा पर्यटकीय स्थल बन गया होता।

परन्तु स् थानीय विवादों के कारण जो विकास की गति होनी चाहिए, वह निरासाजनक रूप से धीमी पडÞी हर्ुइ है। जनकपुर विशुद्ध रूप से धार्मिक पर्यटकीय स्थल हो, इसके लिए स्थानीय स्तर से जो प्रयास होना चाहिए वह नही हो रहा है। इसके विपरीत विकास के लिए जो बजट आता है उस पर लोगों की गिद्धदृष्टि जरूर लगी र हती है। यही कारण है कि यहाँ जनकपुर के विकास से ज्यादा व्यक्ति का विकास देखा गया है। कुछ दिन पहले जिला विकास समिति के १८ कर्मचारीयों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलम्बन कर दिया गया है। जनकपुर नगरपालिका का भी वही हाल है। जनकपुर धार्मिक स्थल को लेकर प्रसिद्ध होना चाहिए न कि भ्रष्टाचार और गन्दगी के नाम से।

भारत के विभिन्न राज्यों से जानकीर् दर्शन के लिए यात्री जनकपुर आते हैं। जिन में अधिकांश के पाँव में जूते वा चप्पल नहीं देखने को मिलता है। वे यात्री यहाँ के सडको पर कंकड पत्थर के बावजूद भी नङ्गे पाँव चलते हैं। वे यहाँ के गन्दे तलाव में स्नान करके माँ जानकी के दर्शन करने जाते हैं। और जाते वक्त यहाँ की मिट्टी को अपने साथ ले जाते हैं। लेकिन यहाँ के लोगों में उसके विपरीत देखा गया है। धार्मिक दृष्टि से यहाँ के कारण कोई भी राष्ट्र आगे आने से कतराता है। वैसे कहा जाए तो पर्यटकों को आकषिर्त करने के लिए जनकपुर प्रत्येक दृष्टि से सम्पन्न है। कहते हैं- बावन कुट्टी बहत्तर कुण्ड साधु चले झुण्ड के झुण्ड। अर्थात् यहाँ जितने मठ-मन्दिर हैं, उतने ही यहाँ पर तलाव भी हैं, जिनका अपना अलग महइभ्व है। उनके संरक्षण हेतु दातृराष्ट्र भी प्रतिवद्ध हैं। भारतीय महावाणिज्यदूत की असन्तुष्टि भारत सरकार ने यहाँ के सौर्न्दर्य को बरकरार रखने के लिये सबसे ज्यादा ध्यान दिया ह।

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janakpurकछु दिन पहल े मठ-मन्दिर, पाखे र एवं पर्यटकीय स्थल के विकास के लिए वृहत्तर जनकपुर क्षेत्र विकास परिषद् को तीन करोडÞ रूपयाँ प्रदान किया गया था। उससे रंगभूमि मैदान -बाह्र विघा), गंगा सागर एवं धनुष सागर पोखरी के सौन्दर्यीकरण के साथ छोटे- छाटे े मठ मन्दिर म ंे खचर् का विवरण वहृ त्तर ने प्रस्तुत किया है। लेकिन एक भी काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। वीगरञ्ज स्थित भारतीय महावाणिज्यदूत अञ्जु रञ्जन ने विकास का अवलोकन करके अपनी असन्तुष्टि प्रकट की थी।

उन्होने कहा था कि जनकपुर और अध्योया के बीच बहुत ही गहरा सम्बन्ध है, इसलिए जनकपुर के विकास के प्रति भारत प्रतिबद्ध है। किन्तु भारत सरकार ने जिस काम के लिए बजट दिया था वह काम सन्तोष योग्य नही हुआ है। उन्होने यह भी कहा कि भारत अच्छे काम के लिए लगानी करना चाहता है, जिससे दोनो देश के बीच ऐतिहासिक सम्बन्ध बना रह।े ले िकन काम म ंे इमानदारी हाने ी चाहिए। यहा ँ क े लागे ा ंे क े लिए वाणिज्यदतू का एसे ा कहना बहुत ही शर्मनाक बात है।

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उसी प्रकार यतायात साधन के रूप में जो नेपाल रेल्वे है, उसकी अवस्था मरणासन्न है। उसे भी ब्रोडÞगेज करने के लिए भारत सरकार ने ८ अर्ब रूपया सहयोग करने की प्रतिबद्धता जनाई है। उस में से एक अर्ब रूपैया प्राप्त हो चुका है। जमीन मुआब्जा, रेल्वे स्टेशन की जमीन उपलब्धि में राजनीतिकरण सहित बहुत सारे ऐसे विवाद हैं जिसके कारण दो वर्षमें तैयार होने वाला ब्रोडगेज रेल अनिश्चित बनी हर्ुइ है। एडीबीव का १ अर्ब ८२ करोड धार्मिक, साँस्कृतिक एवं ऐतिहासिकर् पर्यटकीय शहर जनकपुर के विकास के लिए एशियाली विकास बैंक ने एक अर्ब ८२ कर ोड रूपयो का सहयोग किया है।

एकीकृत शहरी विकास अर्न्तर्गतसडक विस्तार के मापदण्ड

  • परिक्रमा सडक -५२ फिट ६ इन्च
  • जानकी मन्दिर से जनकपुर अञ्चल अस् पताल होते बाह्रविघा, रामानन्द चौक ८ नम्वर वडा कार्यालय परिक्रमा सडक, सत्यनारायण चौक नजदीक के सडक -४२ फिट ८ इन्च
  • जानकी मन्दिर से उत्तर तरफ हनुमान मन्दिर – ३३ फिट हनुमान मन्दिर से मिल्स एरिया के शुभचौक तक – ४२ फिट ८ इन्च
  • जानकी मन्दिर से दक्षिण तरफ महावीर चौक तक -१९ फिट ८ इन्च
  • महावीर चौक से पुराना बस पार्क, जिर ोमाइल चौक और परिक्रमा सडक तक -४२ फिट ८ इन्च
  • मुरली चौक से भैरव चौक -जनक चौक और शिव चौक तक) – ५२ फिट ६ इन्च
  • पुराने बस पार्क से परिक्रमा सडक, माछली बजार चौक, मोर्डन बोर्डिङ्ग स्कूल होते हुए बसहिया नजदीक नगरपालिका सीमा तक -४२ फिट ८ इन्च
  • मुजेलिया प्रहरी चौकी के दक्षिण में पाँच सौ मिटर राजमार्ग से कभर्डहल तक की सडक -४२ फिट ८ इन्च
  • -मुजेलिया प्रहरी चौकी) राजमार्ग नजदिक दीपा आयल स्टोर्स के ५० मिटर दक्षिण मणिमण्डप तक की सडक -४२ फिट ८ इन्च
  • पुराना बसपार्क होते हुए पेठिया बजार और बाह्र बिघा वाली सडक मार्ग – ३३ फिट
  • थापा चौक रजौल होते हुए मुजेलिया पुलिस पोष्ट तक की सडक -४२ फिट ८ इन्च
  • राम मन्दिर से कदम चौक -पुलिस पोष्ट होते हुए कपिलेश्वर जानेवाली सडक) -४२ फिट ८ इन्च
  • सीताकुण्ड से दूधमती सडक -परि क्रमा सडक नजदीक याज्ञबल्क्य संस् कृत माध्यमिक विद्यालय) से सीताकुण्ड- ग्यालेक्सी बोर्डिङ्ग स्कूल होते हुए दशरथ मंदिर तक की सडक -४२ फिट ८ इन्च
  • विवाह मण्डप से देवी चौक तक की सडक -३३ फिट जिरोमाइल-१ जिरोमाइल-२ परिक्रमा सडक -५२ फिट ८ इन्च मुरली चौक से हनुमान मन्दिर -५२ फिट ६ इन्च
  • शिवचौक से कदम चौक तक की सडक – ४२ फिट ८ इन्च
  • शिवचौक से भानु चौक होते हुए रेल्वे स्टेशन की सडक -४२ फिट ८ इन्च उसी प्रकार पौष २३ गते का दिन नागरिक समाज, राजनीतिक दल, कर्मचारी सहित की बैठक द्वारा पास किया गया सडÞक विस्तार के मापदण्ड इस प्रकार हैं-
  • जानकी मन्दिर से महावीर चौक – ९ मिटर २९ फिट ६ इन्च
  • जानकी मन्दिर से जनक चौक -९ मिटर २९ फिट ६ इन्च
  • जानकी मन्दिर से मिल्स एरिया -१३ मिटर ४२ फिट ८ इन्च
  • हलुाकी राजमागर् – १६ मिटर ५२ फिट ६ इन्च
  • रेल्वे स्टेशन से जनक चौक-राम चौक- मुरलीचौक होते हुए हनुमानगढी तक की सडक -१९ मिटर ६२ फिट ४ इन्च
  • रंगभूमि -बाह्र विघा) से पेठिया होते हुए पुराना बसपार्क-मछली बाजार होते हुए बसहिया रोड, नगर की सीमा के साथ जुडÞी सडक -१३ मिटर ४२ फिट ६ इन्च
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