क्यों नहीं लिया चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा
काठमान्डौ 9सितम्बर
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नई दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में भाग नहीं ले रहे. चीनी नेता के फैसला ने सभी को हैरान कर दिया है, खासकर तब जबकि पिछली सभी बैठकों में भाग लेने का शी का रिकॉर्ड शानदार रहा है.
रिपोर्टों से पता चलता है कि यह निर्णय चीन में चल रही आंतरिक राजनीति से जुड़ा हो सकता है. निक्केई एशिया पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, राजनीतिक उथल-पुथल की जड़ इस गर्मी में हुई बेइदैहे बैठक (Beidaihe Meeting) में नजर आ रही है. हेबेई प्रांत के समुद्र तटीय सैरगाह बेइदैहे में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के निवर्तमान और सेवानिवृत्त नेताओं की वार्षिक बैठक होती है.
हालांकि इस बैठक में होने वाली चर्चाओं को आम तौर पर गुप्त रखा जाता है, लेकिन इस साल की बंद कमरे में हुई बातचीत के विवरण सामने आने लगे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस विशेष बेइदैहे बैठक में 2012 से पार्टी महासचिव के रूप में शी के कार्यकाल के दौरान हुई पिछली दस बैठकों की तुलना में काफी अलग माहौल था. सूत्रों ने निक्केई एशिया को बताया कि इस साल की बैठक में, सेवानिवृत्त पार्टी के बुजुर्गों के एक समूह ने शी को ‘फटकार” लगाई और उनसे उन तरीकों से सवाल किए, जो उन्होंने अब तक नहीं किए थे. पार्टी के कुछ प्रमुख बुजुर्ग इस बैठक से अनुपस्थित थे, जैसे पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन, जिनका पिछले नवंबर में 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. शी के तत्काल पूर्ववर्ती, हू जिंताओ, जिन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय कांग्रेस में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल से अपने निष्कासन के बाद से कम प्रोफ़ाइल बनाए रखी है, भी बैठक में नहीं थे.
जबकि शी सहित मौजूदा नेताओं के साथ आमने-सामने की बैठक में केवल कुछ ही बुजुर्ग शामिल हुए, उनका संदेश स्पष्ट था: प्रभावी जवाबी उपायों के बिना जारी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक उथल-पुथल पार्टी के समर्थन को खत्म कर सकती है और इसके शासन को खतरे में डाल सकती है.

