Fri. Feb 28th, 2020

मधेशी सांसदों ने की आवाज बुलन्द : राउत की गिरफ्तारी आपत्तिजनक

ck raut -1काठमाणडू ,२० सितम्वर । देर आए दुरस्त आए । मधेशी सांसदों ने शायद वक्त की नब्ज को पकड़ा है । सम्भवतः इसलिए अब जाकर उनकी आवाज सी.के.राउत की गिरफ्तारी के विरोध में बुलन्द हुई है । सम्मिलत रूप से जारी प्रेस विज्ञप्ति में सबने पुरजोर तरीके से डा. राउत की रिहाई की मांग को उठाया है । विज्ञप्ति में उल्लेख है कि ”नेपाल एक संघीय लोकतान्त्रिक देश है । अंतरिम संविधान २०६३ के तहत नेपाली नागरिक को अभिव्यक्ति स्वतंत्रता प्राप्त है । मधेशी युवा नेता डा.सी.के.राउत नेपाली नागरिक है और उन्हें अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता है । इस अवस्था में अपनी बात व्यक्त करने के क्रम में सरकार द्वारा उन्हें गिरफ्तार करना संवैधानिक अधिकार का हनन करना है । सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम सिर्फ अभिव्यक्ति स्वतंत्रता पर ही प्रहार नहीं है बल्कि संविधान निर्माण के इस संवेदनशील समय में सरकार की मधेशी जनता के सम्बन्ध में उदासीनता भी स्पष्ट होती है । राउत की गिरफ्तारी आपत्तिजनक है ।

संविधान निर्माण के इस चुनौती पूर्ण समय में जो भी विचारशील नागरिक हैं, उनके विचारों पर अन्तक्र्रिया करना सरकार का काम है । संवाद समिति में डा. राउत को आमंत्रित कर उनके विचारों को सुना गया उसे पंजीकृत किया गया और अब अचानक उन्हें गिरफ्तार किया जाना राज्य की निरंकुशता दर्शाती है । समय की संवेदनशीलता को महसूस करते हुए और संविधानप्रदत्त अभिव्यक्ति स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए मधेशी युवा सी.के.राउत को बिना शर्त रिहा किया जाय ।”

उक्त प्रेस विज्ञप्ति में लक्ष्मण लाल कर्ण(सद्भावना पार्टी), रामजनम चौधरी (मधेशी जनअधिकार फोिरम), बृजेश कुमार गुप्ता(तराई मधेश लोकतांत्रिक पार्टी), लालबाबु राउत(मधेशी जनअधिकार फोरम) आदि सांसदों के हस्ताक्षर हैं ।हि प्र

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