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भारत–नेपाल आर्थिक सहयोग पर बीरगंज में संगोष्ठी, व्यापार के नए अवसरों पर हुई चर्चा

 

बीरगंज, २९ मार्च ०२६। नेपाल के बीरगंज में भारत और नेपाल के बीच आर्थिक सहयोग तथा व्यापार की संभावनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई। भारतीय महावाणिज्य दूतावास बीरगंज द्वारा बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के सहयोग से 29 मार्च 2026 को “India-Nepal Economic Cooperation: Unlocking New Trade Potential” विषय पर इस संगोष्ठी का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में नेपाल और भारतीय राज्य के विभिन्न चैंबर ऑफ कॉमर्स और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों तथा पदाधिकारियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के महावाणिज्यदूत ने भारत-नेपाल के बीच गहरे आर्थिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और बीरगंज स्थित महावाणिज्य दूतावास लगातार महत्वपूर्ण प्रयास कर रहे हैं।

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उन्होंने भारत-नेपाल द्विपक्षीय व्यापारिक और आर्थिक संबंधों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि भारत ने विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और नेपाली व्यवसायी भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर इसका लाभ उठा सकते हैं।

महावाणिज्यदूत ने यह भी बताया कि एकीकृत जांच चौकी (ICP), ड्राई पोर्ट, रेलवे और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी आधारभूत संरचनाओं के विकास के माध्यम से भारत सरकार दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्टार्टअप, आईसीटी, पर्यटन और कृषि-प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में संयुक्त उद्यम स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशने का भी आह्वान किया।

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संगोष्ठी में विशिष्ट वक्ताओं के रूप में (कार्यवाहक अध्यक्ष, बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ), (पूर्व अध्यक्ष, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स), (प्रतिनिधि, बिहार उद्योग संघ), नेपाली उद्योगपति , मधेश प्रदेश के पूर्व मंत्री तथा रिपु एग्रो के निदेशक सहित कई अन्य उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच आर्थिक संबंधों को और सुदृढ़ करना तथा आपसी सहयोग के लिए नए अवसरों की खोज करना था। इस दौरान दोनों देशों के प्रतिभागियों ने द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार के विभिन्न उपायों पर चर्चा की और व्यापार से जुड़ी चुनौतियों को भी साझा किया।

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महावाणिज्यदूत डी.एस. मीना ने आश्वासन दिया कि भारत का महावाणिज्य दूतावास व्यापार को सुगम बनाने और दोनों देशों के उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा।यह कार्यक्रम भारत-नेपाल आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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