Sun. Sep 6th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल पर चीन का बढता प्रभाव

 

सावन ६गते

भारत के थिंक ट्यांक समूह ने निष्कर्ष निकाला है कि नेपाल के आन्तरिक राजनीति में चीन का प्रभाव है । साथ ही उसने सीमा क्षेत्र के जनता के साथ सम्बन्ध सुधार करने के लिए नेपाल और भारत के सहयोग में निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय में सम्पन्न करने का भारत सरकार को सुझाव भी दिया है ।

भारत सरकार के थिंक ट्यांक मानने वाले ‘द अब्जर्भर रिसर्ज फाउण्डेसन’ ने हाल में ही ‘हिमालयन देशों के साथ भारत की कनेक्टीविटी : सम्भावना और चुनौती पर एक विशेष रिपोर्ट बनाया है ।

यह भी पढें   S.A.V. स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों ने मोहा मन

रिपोर्टें में नेपाल का व्यापार, सुरक्षा के साग ही आन्तरिक राजनीति में चीन के हावी होने का निष्कर्ष निकाला है । विगते कुछ वर्षो. में नेपाल और चीन का सम्बन्ध अधिक रणनीतिक बनता गया है । रिपोर्ट में उल्लेख है कि दोनों देशों ने कई समझौते किए हैं । नेपाल वन बेल्ट वन रोड में हस्ताक्षर करने को तैयार है । का केही वर्षहरुमा नेपाल र चीनको सम्वन्ध अझै बढी रणनीति

यह भी पढें   त्रिशूली 3 'ए' : सुरंग के भीतर से आई आवाजें, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

यह भी लिखा गया है कि चीन ने नेपाल में समय, शक्ति, स्रोत और साधन का प्रयोग कर नेपाल का नीति निर्माता ही नहीं बल्कि उद्योगी, कर्मचारी और आम जनता में अपनी अच्छी छवि बनाई है ।
द अब्जर्भर रिसर्ज फाउण्डेसन ने अपने रिर्पोट में दोनों देशों के सम्बन्ध में सीमा व्यवस्थापन को अधिक महत्तव देने के साथ ही सीमा पर संयुक्त गस्ती बनाने की और स्रोत साधन को स्तरीय बनाने का सुझाव दिया है ।

यह भी पढें   नहीं रहे गोरखापत्र दैनिक के पूर्व महाप्रबंधक वसन्त प्रकाश उपाध्याय

सीमा क्षेत्र में बैंकिङ सेवा सुविधा उपलब्ध कराना और सीमा क्षेत्र में रहने वाले को दोनों देशों के कानूनी व्यवस्था की जानकारी देने का भी सुझाव है ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com