Sun. May 24th, 2020

समाज को बनाने की जिम्मेदारी महिलाओं की है, तीज-जितिया व्रतपर : राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी






काठमांडू, भद्र २२ २०१८ | राष्ट्रपति भवन में तीज, जितिया व्रत शुभकामना आदान प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम में सम्मानीय राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों से आबद्ध महिलाएँ, सभासद और महिला मंत्रियों की उपस्थिति थी । कार्यक्रम में महिला हिंसा और विभेद तथा सामाजिक असमानता पर आधारित कार्यपत्र महिला बालबालिका तथा ज्येष्ठ नागरिक मंत्रालय के सचिव बुद्धि बहादुर खडका द्वारा प्रस्तुत किया गया । कार्यपत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यो. तथा महिलाओं को समान अवसर, समान स्तर, समान जिम्मेदारी, विकास के स्रोत, निर्णय में समान मत आदि विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया था । सचिव खडका का मानना था कि महिलाएँ जन्म से ही विभेद और हिंसा का शिकार होती हैं । इसके लिए समाज और सरकार दोनों ओर से गम्भीरता के साथ पहल की आवश्यकता है ।

कर्यक्रम में गौरा पर्व, तीज और जितिया पर महिला वक्ताओं ने प्रकाश डाला । वक्ताओं का मानना था कि ये सारे त्योहार जहाँ हमारी संस्कृति को परिभाषित करते हैं वहीं इन्हें आज के परिवेश में जोड़कर समाज में व्याप्त कुरीतियों से मुक्ति पाने की भी आवश्यकता है । महामहिम राष्ट्रपति जी ने सभी महिलाओं को शुभकामना देते हुए कहा कि समाज को बदलने की जिम्मेदारी हम महिलाओं की ही है । हमें अपनी पहचान बनानी चाहिए । पति या पिता से हटकर जब हमें जाना जाता है तो वह हमारे अस्तित्व की पहचान होती है । हमारा समाज शुरु से ही पितृ सत्तात्मक रहा है । इससे निकलना आवश्यक है पर उससे भी ज्यादा आवश्यक हमें कुरीतियों से निकलना जरुरी है । आज जो भी आपराधिक घटना महिलाओं को लेकर घट रही है हमें ऐसे माहोल को नही बनने देना चाहिए और इसके लिए हमें पहल करनी चाहिए । जब कोई घटना घट जाती है तो सजा देने की बात आती है । पर सजा समाधान नहीं है । हमें यह देखना चाहिए कि पुरुषों की मानसिकता कैसे बदली जाय । सजा तो अपराधी को मिल जाती है पर यह घटना निरंतर जारी है । इसके लिए हमें शिक्षा पर बल देना होगा और नारियों का सम्मान करना सिखाना होगा । उन्होंने कहा कि हमें जब भी किसी की पत्नी या पुत्री, या माँ के रूप में ही देखा जाता है तो हम कहीं ना कहीं अपने अस्तित्व को खो रहे होते हैं । हमें खुद में यह विश्वास दिलाना होगा कि हम सबल हैं और किसी से कम नहीं हैं । कार्यक्रम में महिलाओं की अच्छी खासी उपस्थिति थी ।



आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: