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ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी के जनाजे में मची भगदड पचास लाेगाें की माैत

 

बीते शुक्रवार को इराक में अमरीकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी का मंगलवार को जनाजा निकाला गया। उनका जनाजा केरमान शहर में निकाला गया था, चूंकि वो केरमान शहर के रहने वाले थे, इस वजह से इस शहर के हजारों लोग इस जनाजे में शामिल हुए। इसके अलावा दूसरे शहरों से भी काफी संख्या में लोग इसमें शामिल होने आए थे। बताया जा रहा है कि लगभग 10 लाख लोग इस जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 50 लोगों की मौत हो गई। 48 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
उनके शव को पहले अहवाज, तेहरान और अब केरमान लाया गया था। यहीं पर उनका अंतिम संस्कार होना तय था। इन तीनों जगहों के लोग उनके जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इसके अलावा देश के कई हिस्सों से भी लोग केरमान में अंतिम जनाजे में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे थे। इससे पहले अहवाज और तेहरान में भी काफी संख्या में लोग जमा हुए थे। केरमान में जनाजे की वजह से सभी चीजें बंद थी। लाखों की संख्या में लोग यहां जमा थे। इसी दौरान भगदड़ मच गई जिसमें इतने लोगों की मौत हो गई। पुलिस भी काफी संख्या में तैनात थी मगर अचानक हुई भगदड़ से लोगों को संभाल पाना मुश्किल हो गया। केरमान शहर के प्रमुख चौराहे को मिलने वाली सभी सड़कें लोगों से खचाखच भरी हुई थीं। इतनी भारी भीड़ को काबू कर पाना मुश्किल हुआ जिसकी वजह से ये हादसा हुआ।

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सबसे ताकतवर व्‍यक्ति थे मेजर जनरल कासिम सुलेमानी

ईरान के दूसरे सबसे ताकतवर व्‍यक्ति थे मेजर जनरल कासिम सुलेमानी। उनके द्वारा ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड में शामिल होकर उन्होंने बुलंदियों की सीढ़ियां चढ़ना शुरू किया तो देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के काफी करीब हो गए।

साथ में हुई थी अबू महदी अल-मुहांदिस की भी मौत,

कासिम सुलेमानी के साथ अमेरिका के रॉकेट हमले में इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज(पीएमएफ) के अर्धसैनिक बलों के ग्रुप के डिप्टी कमांडर थे। वो भी इस हमले में मारे गए थे। रॉकेट हमले में मौत की खबर पता चलने के बाद सुबह से ही बगदाद की गलियों में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। इनके हाथ में इराकी और मिलिशिया झंडे थे। कई इराकियों ने इराकी जमीन पर इस तरह प्रमुखों की हत्या के लिए वाशिंगटन की आलोचना की। वहीं, इसके साथ उम्मीद जताई कि इससे इराक एक और युद्ध की तरफ बढ़ रहा है।

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बताया गया कि सुलेमानी का काफिला बगदाद एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था तभी उनका काफिला एक रॉकेट हमले की जद में आ गया। हमले में ईरान अबू महदी अल-मुहांदिस की भी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हमले में कुल आठ लोगों की मौत हुई। सुलेमानी पश्चिम एशिया में ईरानी गतिविधियों को चलाने के प्रमुख रणनीतिकार थे। सुलेमानी पर इजरायल में भी रॉकेट हमलों को अंजाम देने का आरोप था। व्‍हाइट हाउस का कहना था कि जनरल सुलेमानी सक्रिय रूप से इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की योजना बना रहा था।

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