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मीडिया में फोटोग्राफी की भूमिका : ऑनलाइन गोष्ठी पर पत्रकारों का विचार

 

फोटोग्राफी ने राजनैतिक-सामाजिक जीवन पर बदलाव में परिवर्तन पर बड़ा भारी प्रभाव डाला है”-डॉ वैदिक

नई दिल्ली: १९ अगस्त:2020: विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर क्रिएटिव्स वर्ल्ड मीडिया अकैडमी द्वारा मीडिया में फोटोग्राफी की भूमिका विषय पर फेसबुक ऑनलाइन गोष्ठी आयोजित की गई. इस ऑनलाइन गोष्ठी में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर उपस्थित हिंदुस्तान के पुरोधा पत्रकार-लेखक डॉ वेद प्रताप वैदिक ने गोष्ठी शुभारम्भ करते हुए सम्बोधन में कहा कि “कौन सी पत्रकारिता –सबसे अधिक प्रमाणिक मानी जाती है. वह पत्रकारिता प्रमाणिक मानी जाती है जिसके बारे में जो आचार्य मण्डलीनाथ ने लिखा था-वह सत्य है. क्या लिखा था-उन्होंने लिखा था कि बिना प्रमाण के कोई बात मैं नहीं कहता. मैं समझता हूँ कोई चित्र, कोई फोटो, उससे बड़ा कोई प्रमाण हो नहीं सकता. या किसी के पक्ष में लिखें और आप बात का एक फोटो दिखा दिया जाए कहे, सुने हो से कोई दिखाया हुआ कोई देखा हुआ, कहीं अधिक प्रभावशाली होता है. इसीलिए कई फोटोग्राफर जो हमारे देश में और विदेशों में हुए हैं उन्होंने इतने चमत्कारिक काम किए हैं कि उन्होंने उन देशों की राजनैतिक-सामाजिक जीवन पर बदलाव में परिवर्तन पर बड़ा भारी प्रभाव डाला है.” इस वेबिनार का मंच सञ्चालन पत्रकार-लेखक एस.एस.डोगरा ने और तकनीकी सहयोग अबोहर,पंजाब से चिराग नागपाल ने किया. .

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इसी वेबिनार में हिंदुस्तान की सबसे छोटी उम्र की फोटोग्राफर नैनिका गुप्ता ने भी हिस्सा लिया. गौरतलब है कि नैनिका के माता-पिता (अर्पित गुप्ता एवं सीमा गुप्ता) स्वयं लम्बे समय से फोटोग्राफी करते आ रहें हैं उन्होंने अपनी बेटी नैनिका की फोटोग्राफी की सफलता की कहानी बताते हुए नैनिका द्वारा मुंबई में अपनी कॉफ़ी टेबल बुक का भी जिक्र किया. इसी वेबिनार में मशहूर फोटो जर्नलिस्ट सुजान सिंह ने भी क्राइम, फैशन, प्रक्रति, वाइल्ड लाइफ तथा ड्रोन द्वारा की गई फोटोग्राफी करने के निजी अनुभवों के आधार पर कई बारीकियों को साझा किया. सुजान सिंह जी को फोटोग्राफी कला विरासत में मिली है उनके दादा जी –पिताजी तथा आगे तीनों भाई भी इसी फोटोग्राफी क्षेत्र में नाम कमा रहें हैं जबकि देश के प्रमुख प्रिंट मीडिया हाउस में नौकरी करने के बाद अब सुजान सिंह स्कुल व कॉलेज में भी फोटोग्राफी कला सिखा रहे हैं.

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देहरादून स्थित ग्रेस अकादमी के नौवीं कक्षा के विद्यार्थी कृष शर्मा ने वेबिनार से जुड़कर छोटी सी उम्र में अपने पिता विश्वविख्यात खेल-फोटोग्राफर कमल शर्मा के सानिध्य में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर, भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा, हरफनमौला युवराज सिंह, जोगिन्द्र सिंह जैसे अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडियों के फोटो करने के अलावा अंडर-19 वर्ल्ड कप भी कवर करने का सौभाग्य मिला है.

प्रसिद्ध फोटोग्राफी गुरु ओ.पी.शर्मा जी के अनुसार विश्व फोटोग्राफी दिवस को प्रति वर्ष 19 अगस्त के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ फोटोग्राफी कौंसिल के प्रयास की बदौलत सन 1991 से निरंतर मनाया जाना लगा. इसी कड़ी में देहरादून से ही युवा लेखिका-एंकर श्रिया कत्याल ने भी फोटोग्राफी पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि – हर एक तस्वीर हजारों शब्दों के समान होती है, हर तस्वीर एक कहानी है और जब तक उस पर एक उपयुक्त विचार एक कैप्शन की फॉर्म में ना प्रकट किया जाए तब तक वह कुछ अधूरी समझी जाती है. श्रिया का मानना है कि – एक अच्छा फोटोग्राफर बनने के लिए आपको बड़े-बड़े गैजट का इंतज़ार करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि फोटोग्राफी के लिए सबसे पहले आपको रचनात्मक होना बहुत जरूरी है. और यह एक अद्भुत कला है आप जितना इससे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में उतारेंगे उतना ही सक्षम खुद को पाएंगे इसीलिए शुरुआत करना बहुत जरूरी है चाहे वह एक बेसिक मोबाइल फोन से ही क्यो ना हो. किसी भी व्यक्ति की तस्वीर तब तक ना खींचे जब तक वह खुद ना चाहे क्योंकि यह अनैतिक और अवैध है. तस्वीरें बहुत महत्वपूर्ण है पुरानी यादें जिंदा रखने के लिए और पुराने लम्हे एक बार दोबारा जीने के लिए फोटोग्राफी का सच में बहुत बड़ा योगदान होता है.

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