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मधेशी चेहरे वाले अधिवक्ता पर ही हमला क्यों ? : सरोज राय

 

सत्य के पक्ष में, अन्याय के विरुद्ध : मेरी स्पष्ट धारणा

सरोज राय, काठमांडू । नेपाल में सामाजिक समानता और न्याय के लिए संघर्ष करना आसान नहीं है, लेकिन यह हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है। मैं सत्य बोलने से कभी नहीं डरता, क्योंकि सत्य न्याय का आधार है। लेकिन जब सत्य को साम्प्रदायिकता का रंग देकर दबाने की कोशिश की जाती है, तो यह हमारे समाज की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण प्रवृत्ति है।

हाल की घटनाएँ: संयोग या पूर्वाग्रह ?

हाल की कुछ घटनाओं ने नेपाल में विशेष रूप से मधेशी समुदाय के खिलाफ भेदभाव को फिर से उजागर किया है।

क्रिकेट मैदान पर पूर्वाग्रह
नेपाल प्रीमियर लीग क्रिकेट मैच के दौरान जनकपुर बोल्ट्स के समर्थकों में से विशेष रूप से मधेशी चेहरे वाले लोगों पर हमला किया गया। इस घटना ने मधेशी समुदाय के प्रति गहरे पूर्वाग्रह को उजागर किया।

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अदालत परिसर में लक्षित हमला
काठमांडू जिला अदालत परिसर में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी पर हमला हुआ। रवि लामिछाने के समर्थकों ने अन्य अधिवक्ताओं को छोड़कर केवल मधेशी चेहरे वाले अधिवक्ता पर हमला क्यों किया?

इन घटनाओं को महज संयोग मानना मुश्किल है। अतीत में ऋतिक रोशन प्रकरण से लेकर वर्तमान तक, मधेशी समुदाय को लक्षित करने वाले व्यवहारों की श्रृंखला को देखकर यह एक नियोजित सोच का परिणाम प्रतीत होता है।

विभाजन नहीं, समानता के लिए संघर्ष

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मेरी लेखनी और विचार किसी भी जाति, समुदाय, या क्षेत्र के प्रति द्वेष फैलाने के लिए नहीं हैं। मैं अन्याय के खिलाफ सत्य बोलता हूँ, क्योंकि समानता और न्याय के लिए संघर्ष करना मेरा अधिकार ही नहीं, कर्तव्य भी है।

लेकिन जब मधेशी समुदाय पर होने वाले भेदभाव, हिंसा और अपमान को उजागर किया जाता है, तो उसे साम्प्रदायिक कहना अन्याय को छिपाने का प्रयास है।

मेरी स्पष्ट धारणा

1. मधेशी समुदाय पर हिंसा रोकनी होगी: जब तक यह हिंसा और भेदभाव बंद नहीं होगा, मैं इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा।

2. भेदभाव का समाधान आवश्यक है: इन घटनाओं को जातीय दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि अन्याय के रूप में देखना चाहिए। समाज में सभी नेपाली को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।

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3. सत्य के पक्ष में खड़ा होना कोई अपराध नहीं: सत्य बोलना साम्प्रदायिकता नहीं है। यह अन्याय के खिलाफ उठाई गई आवाज है।

निष्कर्ष

हम सब नेपाली हैं। किसी भी समुदाय पर होने वाले अन्याय और भेदभाव के खिलाफ खड़ा होना हर नेपाली का कर्तव्य है।

मैं सत्य के पक्ष में हूँ, समानता के पक्ष में हूँ, और अन्याय के खिलाफ खड़ा होने से कभी पीछे नहीं हटूंगा। समानता और न्याय के इस संघर्ष में हम सबका मिलजुल कर प्रयास करना जरूरी है।

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