Tue. Jun 23rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

जन संस्कृति मंच द्वारा प्रेम चंद्र जयंती समारोह सप्ताह शुरु

 


जनसंस्कृति मंच दरभंगा के तत्वावधान में आयोजित प्रेमचन्द जयंती समारोह सप्ताह का 25 जुलाई सेशुभारंभ हुआ। इस अवसर पर एक सप्ताह तक चलने वाली कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन हुआ।

कार्यक्रम का प्रारंभ बाबासाहेब डॉ आंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण से हुआ। उसके बाद सुप्रसिद्ध रंगकर्मी एवं गायक कॉमरेड राजू रंजन एवं मोहित पांडेय के द्वारा गीत की प्रस्तुति से हुई।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन करते हुए जसम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ.सुरेंद्र सुमन ने कहा कि साहित्य, संगीत और कला भी निरुद्देश्य नहीं होते। समाज को बदलना और सुंदर बनाना साहित्य, कला और संगीत का उद्देश्य होता है। जिसकी तरफ़दारी प्रेमचन्द ने की थी। वर्गीय समाज में साहित्य और संस्कृति भी वर्गीय है, जिसमें अनवरत द्वंद चलता रहता है। इसी वाद-विवाद और संवाद से समाज को सुंदर बनाना साहित्य और कला का भी लक्ष्य है।

यह भी पढें   अद्वैत वेदांत की रोशनी में महावाक्य "तत् त्वं असि" का दार्शनिक विवेचना : डॉ.विधुप्रकाश कायस्थ

कार्यक्रम के अंतिम दिन 31 जुलाई को कार्यशाला का समापन प्रेमचन्द के जन्मदिन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी से होगा। संगोष्ठी का विषय “हमारा समय और प्रेमचन्द” है। जिसमें प्रमुख वक्ता के बतौर बीएचयू के सेवानिवृत्त विभाध्यक्ष प्रो. अवधेश प्रधान, सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक वीरेंद्र यादव और जसम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कौशल किशोर के व्यख्यान होंगे। कार्यशाला एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को उसी दिन प्रमाण पत्र भी प्रदान किये जाएँगे।

यह भी पढें   नेपाल में पर्यटन का स्वर्णिम अवसर: संभावनाएँ, चुनौतियाँ और हमारी तैयारी : अजयकुमार झा

इस अवसर पर भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित युवा कवि मनोज झा, राजनीति विज्ञान के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मिथिलेश कुमार यादव, एस.एस.ठाकुर, कॉमरेड भोला जी, डॉ. संतोष कुमार यादव, राजीव कुमार सहित कतिपय लोगों ने अपने-अपने विचार रखे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जसम के बिहार राज्य उपाध्यक्ष कल्याण भारती ने की। कार्यक्रम का संचालन जसम जिलासचिव समीर वत्सल ने किया और कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन जसम जिलाध्यक्ष डॉ. रामबाबू आर्य ने किया।

यह भी पढें   बाजुरा बस दुर्घटना – २३ लोग घायल

*भवदीय*
*समीर वत्सल*
*सचिव जसम दरभंगा*

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed