विश्व नेपाली साहित्य महासंघ बाँके द्वारा गजल तथा मुक्तक प्रशिक्षण आयोजन
खजुरा/(बाँके) पवन जायसवाल ।बाँके जिला के खजुरा में विश्व नेपाली साहित्य महासंघ बाँके शाखा ने आयोजन किया गजल तथा मुक्तक प्रशिक्षण एवं रचना वाचन कार्यक्रम पहली बार पौष ८ गते शुक्रवार को किया गया ।
खजुरा गावँपालिका के अध्यक्ष तथा कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि डम्बर बिक तुफान ने पानस में दीप प्रज्वलन करके गजल तथा मुक्तक प्रशिक्षण एवं रचना वाचन कार्यक्रम की विधिवत उद्घाटन किया ।
विनेसाम लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष तथा साहित्यकार लेक प्रसाद प्याकुरेल, विनेसाम बाँके शाखा के सचिव महेन्द्र सेडाईद्वारा सञ्चालित वह कार्यक्रम में विनेसाम के सदस्य लक्षमण सापकोटा ने स्वागत मन्तव्य किया था ।
प्रमुख अतिथि तथा खजुरा गाउँपालिका के अध्यक्ष डम्बर बिक तुफान ने उद्घाटन करते हुये खजुरा क्षेत्र को औव्वल बनाने के लिये खजुरा में खजुरा प्रज्ञा प्रतिष्ठान गठन किया गया है, खजुरा चेतना में भी आगे है, साहित्य एक कला है खजुरा को एक कला के माध्यम से पहिचान बनाना है और साहित्य कला से हरा भरा बनाने में यह प्रशिक्षण से खजरा की नाम पहचाने करने के लिये सभी लोगों में अनुरोध किया है साथ में गावँपालिका की ओर से सहयोग करने के प्रतिवद्धता व्यक्त किया है ।
इसी तरह वह कार्यक्रम में बिशिष्ट अतिथि तथा खजुरा गावँपालिका की उपाध्यक्ष मञ्जु मल्ल ने बिचार रखते हुये कहा बिश्व भर में रहा संस्था की छाता संगठन बिश्व नेपाली साहित्य महासंघ नेपाल की अध्यक्ष कल्पना पौडेल जिज्ञाशु को सहयोग करने की प्रतिवद्धता व्यक्त की थीे, वह कार्यक्रम में बिशिष्ट अतिथि तथा विश्व नेपाली साहित्य महासंघ नेपाल की अध्यक्ष कल्पना पौडेल जिज्ञाशु ने बिचार रख्ते हुये कही यह एक बिशुद्ध संस्था है इसमें किसी भी राजनितिक की गन्ध नही है बताई, प्रशिक्षक तथा वरिष्ठ साहित्यकार खगेन्द्र गिरि कोपिला, विनेसाम बाँके की सदस्य इन्दिरा गौतम, ज्ञनोदय बहुमुखी पब्लिक क्याम्पस खजुरा में बीए तृतीय में अध्ययनरत बिद्यार्थी प्रतिभा अर्याल, संजना बोटे, स्पर्श अधिकारी लगायत ने अपनी अपनी रचना वाचन किये थे वह अवसर पर विनेसाम बाँके के सचिव महेन्द्र सेडाई ने प्रेम प्रकाश मल्ल मधुकर और उदित नारायण झाँ की गीत सुनाकर सहभागियों को मनोरञ्जन कराया था । अन्त में सभाध्यक्ष गीता अर्याल ने अपनी बिचार रखते हुये कहा कि ऐसे ही कार्यक्रम फिर किया जाएगा बतायी और साहित्य क्षेत्र में आकर खजुरा की पहिचान गजल के माध्यम से आगे बढाया जाय इस साहित्य में सभी लोगों की सहयोग की आवश्यकता रही है सभी लोगों को धन्यवाद देते हुये कार्यक्रम की समापन की थी ।
आयोजित वह कार्यक्रम में सर्वदा साहित्य संगम के अध्यक्ष तथा वरिष्ठ साहित्यकार, प्रशिक्षक खगेन्द्र गिरि कोपिला ने गजल तथा मुक्तक कैसे लिखेें वह के बारे में ज्ञनोदय बहुमुखी पब्लिक क्याम्पस खजुरा, अरुणोदय माध्यमिक बिद्यालय, ज्ञनोदय माध्यमिक बिद्यालय के बिद्यार्थी तथा विभिन्न संघ संस्था से सहभागी हुये लोगों को प्रशिक्षण दिया था ।
वह कार्यक्रम में ज्ञनोदय माध्यमिक बिद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा विनेसाम के सल्लाकार ऋषिराम सापकोटा, ज्ञनोदय बहुमुखी पब्लिक क्याम्पस खजुरा के क्याम्पस प्रमुख चरित्रा शाह, सचिव महेन्द्र सेडाई, विनेसाम के उपाध्यक्ष हीरा बहादुर शाही, प्रियन्का बैश्य, विनेसाम के कोषाध्यक्ष बीरमान केसी, सदस्य आन्तरिक्ष देवकोटा, हिमाल शर्मा पौडेल, लक्ष्मी बिसी, बिमला परियार, ज्ञनोदय बहुमुखी पब्लिक क्याम्पस खजुरा, अरुणोदय माध्यमिक बिद्यालय, ज्ञनोदय माध्यमिक बिद्यालय के बिद्यार्थी जैसे बिशेष गुरुङ्ग, खशी गिरी, पिन्की, पुनम बराल, प्रतिभा अर्याल, अन्जू काँदू, फूलजहाँ खाँ, संजना बोटे, स्वीकृति बोटे, तिला पाण्डे, पवन जायसवाल, शिक्षक शिक्षिका, विनेसाम के पदाधिकारियों की सहभागिता सहभागिता रही थी ।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि खजुरा गाउँपालिका के अध्यक्ष डम्बर बिक तुफान, अतिथि तथा खजुरा गावँपालिका की उपाध्यक्ष मञ्जु मल्ल, प्रशिक्षक खगेन्द्र गिरि कोपिला लगायत को माया की चिनो प्रदान किया गया था ।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि खजुरा गाउँपालिका के अध्यक्ष डम्बर बिक तुफान, अतिथि तथा खजुरा गावँपालिका की उपाध्यक्ष मञ्जु मल्ल, प्रशिक्षक खगेन्द्र गिरि कोपिला, ज्ञनोदय बहुमुखी पब्लिक क्याम्पस खजुरा के क्याम्पस प्रमुख चरित्रा शाह, बिशिष्ट अतिथि तथा विश्व नेपाली साहित्य महासंघ नेपाल की अध्यक्ष कल्पना पौडेल जिज्ञाशु, विश्व नेपाली साहित्य महासंघ बाँके शाखा की अध्यक्ष तथा सभाध्यक्ष गीता अर्याल लगायत लोगों ने सहभागियों को प्रमाण–पत्र प्रदान किया था । कार्यक्रम में पधारे हुये सम्पूर्ण अतिथि गण को तिला पाण्डे और प्रतिभा अर्याल ने फूल की मालाद्वारा स्वागत की थी । कार्यक्रम खजुरा गावँपालिका वार्ड नं.–३ ज्ञनोदय बहुमुखी पव्लिक क्याम्पस खजुरा में सम्पन्न हुआ था ।













