१६ बुँदे सहमति मधेशी जनता के पक्ष में नही है : मनिष सुमन
कैलास दास,जनकपुर, असार ९ । सदभावना पार्टी के महासचिव मनिस सुमन ने कहा है कि चार राजनीतिक दल १६ बुदें सहमति का विरोध होने के वावजूद भी अगर मस्यौदा जारी किया तो संविधान सभा परित्याग कर आन्दोलन करेगें ।
सद्भावना पार्टी धनुषा ने बुधवार जनकपुर में आयोजिता ‘संविधान सभा बहिष्कार सम्बन्धी अन्तरक्रिया’ में महासचिव सुमन ने दावा किया की १६ बुँदे सहमति मधेशी जनता के पक्ष में नही है । संविधान निर्माण मधेशी के पक्ष मे नही होने के कारण संविधान सभा में रहना औचित्यहीन है । मधेश के अधिकार के वास्ते संसद छोडकर सडक पर आने के लिए मधेशी सभासदो से उन्होंने आग्रह भी किया ।
उन्होने काँग्रेस, एमाले तथा माओवादी में रहा मधेशी नेता मधेशी के हित मे बहस तो करता है लेकिन पार्टी परित्याग नही करने पर मधेश के मुद्दा पर बल नही पहुँच रहा बताते हुए खस के पार्टी मे रहकर मधेश मुक्ति सम्भव नही है कहा ।
सद्भावना पार्टी का केन्द्रीय सदस्य लालकिशोर साह ने खा कि मधेशी जनता तथा मधेश प्रति के चरम विभेद अभी भी बरकरार है । और उसी का प्रतिफल १६ बुँदे सहमति रहा है उन्होने कहा ।
कार्यक्रम में केन्द्रीय सदस्य कामेश्वर झा, एमाओवादी का केन्द्रीय सदस्य रामचन्द्र मण्डल, नेपाली काँग्रेस धनुषा का सचिव कोमलकान्त झा, तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी का जिल्ला अध्यक्ष परमेश्वर साह, नेकपा संयुक्त का केन्द्रीय सदस्य श्रीलाल महासेठ, तराई मधेश राष्ट्रिय अभियान धनुषा का संयोजक संजय ठाकुर, सद्भावना पार्टी धनुषा का जिल्ला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, नेपाल प्रध्यापक मञ्च का अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर, रामसपा का जिल्ला अध्यक्ष देवकृष्ण मण्डल, तमसपा का रुपनारायण मण्डल, धर्वेन्द्र साह, सद्भावना का केन्द्रीय सदस्य विजय कान्त झा सहित के बक्ता ने अपना अपना विचार रखा था ।

