जीवित राष्ट्र की पहचान है आन्दोलन:शवेता दीप्ति
देश की दशा और दिशा किसी ना किसी रूप में हर जागरुक नागरिक को चिन्तनशील

देश की दशा और दिशा किसी ना किसी रूप में हर जागरुक नागरिक को चिन्तनशील
मुझे एक बार गाँव के बुजुर्ग आदमी ने कहा कि भइया इस देश की जो
युगनाथ शर्मा, पहाड़ और मधेश के नाम पर तो मैं यह महसूस करता हूँ कि
दीपेन्द्र झा ,कानून व्यवसायी,देश के न्यायप्रणाली को अगर देखा जाय तो इसमें मधेश शून्य है
विजय कर्ण ,पूर्व राजदूत,आज तक यह देश लुटेरों के द्वारा चलता आया है और आज
सरिता गिरि, मैं पश्चिमी साहित्य का बहुत अध्ययन करती हूँ । और उससे बहुत अधिक
युग पाठक , बात चल रही है संविधान निर्माण की । इसी सन्दर्भ में मैं
तुलानारायण साह , संविधान आखिर क्या है ? आम आदमी की निगाह में सर्वोच्च कानून
श्री कृष्ण हछेथू , नेपाल बहुभाषिक, बहुजातीय और बहुसांस्कृतिक देश है । सभी महत्वपूर्ण हैं
अमर मोक्तान , नेपाल हमेशा से धर्म, परम्परा और जाति के नाम पर राजनीति करता
माथवर सिंह बस्नेत, हम सभी जानते हैं कि भारत में बारह सूत्रीय समझौता हुआ जिसके
राजनीति के खिलाड़ियों ने नेपाल को एक खेलभूमि बना दिया है । खेल के मैदान
भारत के प्रति घृणा, चीन के प्रति वफादारी और ‘सोना के प्रति हार्दिक प्रेम’ के
सम्पादकीय वि.सं. २०७२ दस्तक दे रहा है और उसके साथ ही राजनेताओं के द्वारा तय