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मुख्यमन्त्री की कुर्सी बचाने के लिए प्रदेश नं. २ में सरकार परिवर्तन, जो जनभाविना के विपरित हैः राष्ट्रीय विद्यार्थी संघ

 
मनिष मिश्र, फाईल तस्वीर

काठमांडू, ८ जून । जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) संबंद्ध राष्ट्रीय विद्यार्थी संघ ने कहा है कि प्रदेश नं. २ में की गई सरकार पुनर्गठन मधेशी जनता की भावना विपरित है । संघ ने यह भी कहा है कि मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत ने जन–अभिमत को अनादर करते हुए सरकार पुनर्गठन किया है । संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष मनिष मिश्र की अध्यक्षता में आज मंगलबार सम्पन्न कार्यसमिति की भर्चुअल बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में ऐसा कहा गया है ।
प्रदेश नं. २ में की गई सरकार पुनर्गठन कार्य को विरोध करते हुए जारी विज्ञप्ति में कहा है– ‘मा. लालबाबु राउत कभी अपनी कुर्सी बचाने के लिए तो कभी भ्रष्टाचारी को प्रोत्साहन करने के लिए विविध कुकर्म करते आ रहे हैं । पिछली बार की गई मन्त्रिपरिषद् बिस्तार से भी आशंका हो रही है कई यह संघीयता विरोधी कदम को सहयोग करने के लिए तो नहीं हो रहा है ?’ मुख्यमन्त्री राउत के ऊपर आरोप है कि मुख्यमन्त्री किसी के उक्साहट में और दबाव में बौद्धिकताहिन कार्य कर रहे हैं, जो प्रदेश के लिए ही दुर्भाग्यपूर्ण है ।
इसीतहर पार्टी अध्यक्ष उपेन्द्र यादव को मधेश विरोधी, लोकतन्त्र विरोधी और निरंकुशता के पक्षपाती होने का आरोप भी विद्यार्थी संघ का है । बताया गया है कि मुख्यमन्त्री राउत जो भी कर रहे है, वह सब पार्टी अध्यक्ष यादव के ही निर्देशन में हो रहा है । संघ ने कहा है कि देश में चुनाव का घोषणा हो चुका है, चुनाव ही आज की अपरिहार्यता भी है ।
राष्ट्रीय विद्यार्थी संघ के महासचिव रोशन मिश्रा द्वारा जारी विज्ञप्ति में उल्लेख है कि पार्टी द्वारा आगे लाया गया अधिकांश मांग वर्तमान सरकार ने पूरा किया है, इसीलिए जसपा को सरकार में सहभागी होना स्वागतयोग्य कदम है । इसके लिए सरकार को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बांकी प्रक्रिया जल्द ही पूरा करने के लिए भी संघ ने सरकार से आग्रह किया है ।

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