Thu. Aug 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

जानिए कि नवरात्रि के नौ देवियों के प्रिय 9 रंग कौन से हैं और नवरात्रि के नौ रंगों का क्या महत्व है।

 

 

नवरात्रि के पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करके माता को घर के मंदिर में स्थापित किया जाता है। माना जाता है कि यह नौ दिन देवी मां भक्तों के घर पर वास करती हैं। इस दौरान लोग नवरात्रि का उपवास करते हैं और देवी के नौ रूपों की आराधना करते हैं। नवरात्रि में भक्त माता के 9 स्वरूपों का श्रृंगार करते हैं। माता को प्रसन्न करने के लिए देवियों के प्रिय नौ रंगों को खुद भी धारण करते हैं। नवरात्रि में नवदुर्गा की पूजा में 9 अलग अलग रंगों का विशेष महत्व है। ऐसे में जानिए कि नवरात्रि के नौ देवियों के प्रिय 9 रंग कौन से हैं और नवरात्रि के नौ रंगों का क्या महत्व है।

प्रथम नवरात्रि, माता शैलपुत्री का प्रिय रंग

प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होती है। नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। वैसे तो मां दुर्गा को लाल रंग प्रिय है लेकिन देवी के शैलपुत्री की पूजा में सफेद रंग को अति शुभ माना जाता है। मां शैलपुत्री को सफेद रंग पसंद है। उनका स्वरूप भी सफेद रंग की साड़ी पहने नजर आता है। सफेद रंग का शांति और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। यानी नवरात्रि के पहले दिन से शुद्ध और शांत मन से माता की आराधना शुरू की जाती है।

यह भी पढें   सुख-दुःख के बीच मुस्कराना ही जिंदगी की असली कला है : बिमल सरार्फ,

 

द्वितीय नवरात्रि, माता ब्रह्मचारिणी का प्रिय रंग

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माता ब्रह्मचारिणी की पूजा में लाल रंग का उपयोग करना शुभ माना जाता है। लाल रंग पराक्रम, प्रेम और साहस का प्रतीक होता है। इस दिन माता को लाल चुनरी चढ़ा सकते हैं।
तीसरा स्वरूप मां चंद्रघंटा

तृतीय नवरात्रि, माता चंद्रघंटा का प्रिय रंग

शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। माना जाता है कि माता चंद्रघंटा की पूजा के समय नारंगी वस्त्र धारण करने चाहिए। नारंगी रंग सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

चतुर्थी नवरात्रि, माता कुष्मांडा का प्रिय रंग

यह भी पढें   अमेरिकी नौसेना एयर-टू-एयर मिसाइल का परीक्षण कर रही

नवरात्रि के चौथे दिन देवी के माता कूष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है। इस बार गुरुवार को चतुर्थ नवरात्र है। ऐसे में माता कूष्मांडा की आराधना में पीले रंग का उपयोग शुभ माना गया है। पीला रंग उमंग का प्रतीक है। नवरात्रि के चौथे दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें।

पंचमी नवरात्रि, मां स्कंदमाता का प्रिय रंग

शुक्रवार 30 सितंबर 2022 को शारदीय नवरात्रि का पांचवा दिन है। इस दिन माता स्कंदमाता की पूजा की जाएगी। मां स्कंदमाता की उपासना में हरे रंग का उपयोग कर सकते हैं। हरा रंग ऊर्जा और नवीनीकरण का प्रतीक है।

षष्ठी नवरात्रि, माता कात्यायनी का प्रिय रंग

शारदीय नवरात्रि के छठे दिन माता कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस बार शनिवार को छठी नवरात्रि है। ऐसे में माता कात्यायनी की आराधना में ग्रे या स्लेटी रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। ग्रे रंग को बुराईयों को नष्ट करने का प्रतीक माना जाता है।

सप्तमी नवरात्रि, माता कालरात्रि का प्रिय रंग

यह भी पढें   सोना चांदी व्यवसायी संघ का नया कार्यालय होगा स्थापित : राजीव

नवरात्रि का सातवां दिन माता कालरात्रि को समर्पित है। इस दिन नीले रंग के उपयोग को शुभ मानते हैं। नीला रंग निडरता का प्रतीक है। मां कालरात्रि की उपासना करते समय नीले रंग के वस्त्र धारण कर सकते हैं।

अष्टमी नवरात्रि, माता महागौरी का प्रिय रंग

नवरात्रि की अष्टमी तिथि में मां महागौरी की पूजा की जाती है। इस बार 3 अक्टूबर 2022, सोमवार को अष्टमी तिथि पड़ रही है। मान्यता है कि महागौरी का जामुनी रंग प्रिय है। इस दिन कन्या पूजन भी होता है। ऐसे में अष्टमी के दिन जामुनी रंग को उपयोग कर सकते हैं।

नवरात्रि की नवमी तिथि, माता सिद्धिदात्री का प्रिय रंग

शारदीय नवरात्रि का समापन 4 अक्टूबर 2022 को हो रहा है। नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां सिद्धिदात्री ज्ञान की देवी हैं। नवमी पर गुलाबी रंग का प्रयोग कर सकते हैं। गुलाबी रंग नारीत्व का प्रतीक माना जाता है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com