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17 वर्षीय भारतीय नाबालिग लड़की को फुसलाकर ले जाने में वाले मोहम्मद समीर आलम हुआ गिरफ्तार

 

इन्स्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने 17 वर्षीय भारतीय नाबालिग लड़की को फुसलाकर ले जाने में वाले मोहम्मद समीर आलम को किया गिरफ्तार…

मानव तस्कर रोधी इकाई (क्षेत्रक मुख्यालय) बेतिया कार्यालय 47वी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, रक्सौल पूर्वी चंपारण बिहार ने “मिशन निर्भया” के अंतर्गत मानव तस्करी के रोकथाम करने में लगातार सफलता हासिल की है इसी क्रम में,

एएचटीयू टीम के प्रभारी इन्स्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा के सूचना तंत्र से एक सूचना प्राप्त हुई कि कोई व्यक्ति 17वर्षीय नाबालिग लड़की को रक्सौल या इसके आसपास के क्षेत्र से नेपाल में निकालने के कोशिश में है अत: इस पर सभी ड्यूटी में अलर्ट कर दिया गया. कुछ समय बाद एएचटीयू टीम को एक व्यक्ति के साथ एक नाबालिग लड़की जाती हुई दिखी तो टीम को संदेह हुआ और फिर उनको रोक कर पूछताछ की तब रोके गए व्यक्ति की ओवर एक्टिंग देख कर सभी आश्चर्यचकित रह गए. और वह व्यक्ति लड़की से कुछ भी पूछताछ नहीं करने दे रहा था और लड़की भी लड़के के पक्ष में बात कर रही थी. लेकिन दोनों को देख कर संदेह लग रहा था कि मामला तो कुछ और ही है-

इन्स्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने ठान लिया लिया अब इससे विस्तार से पूछताछ ही करनी पड़ेगी, तब पूछताछ के समय व्यक्ति ने बताया कि उसका नाम मोहम्मद समीर आलम है उसके अब्बा का नाम मोहम्मद गुड्डू मियाँ है, वह गाँव किशुनबाग थाना नगर बेतिया बिहार का रहने वाला है. उस पर 11.05.2022 को एक नाबालिग लड़की अंजली कुमारी की तस्करी के सन्दर्भ में थाना मांधाता जिला प्रतापगढ़ यू०पी० में भारतीय दंड सहिंता की 363, 366, 376, 370 और पोक्सो एक्ट 03(2) एसटी, एससी एक्ट में मुकदमा भी चल रहा है व् बेल पर बाहर है अभी I जब उससे कहा गया कि तुम पहले भी नाबालिग लड़की के मामले में जेल जा चुके हो तब उसने कहा कोई बात नहीं दोबारा भी जेल चला जाऊँगा और फिर बेल पर जेल से बाहर आ जाऊंगा. उसकी एक्टिंग ऐसी थी कि किसी को भी उस पर दया आ जायेगी किन्तु उसके बयानों से पता चल रहा था बहुत शातिर है. मोहम्मद समीर आलम के फोन से अन्य हिन्दू लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो और फोटो भी पाए गए I

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पीड़ित बहुत सहमी हुई थी और कुछ भी बताने को राजी नहीं थी, ऐसा लग रहा था कि उसे लड़के से बहुत प्रेम है. किन्तु एक लम्बी काउंसिलिंग के बाद जब लड़की को मोहम्मद समीर आलम से अलग होने का डर कम हुआ फिर लड़की ने जो बताया तो सबको “द केरला स्टोरी” फिल्म से मिलता जुलता मामला नजर आया I
पीड़ित लड़की ने बताया की वो लड़के को केवल दो माह से जानती है, वह अपनी एक सहेली सलमा खातून के यहाँ शादी में गयी थी, वहां लड़के ने इससे दोस्ती करने की कोशिश की पर उसने ध्यान नहीं दिया फिर लड़का इसको कभी कभी स्कूल जाते समय रास्ते में मिलने लगा और दोस्ती करने की कोशिश करने लगा. फिर एक दिन पीड़िता इसके झांसे में आ गयी पहले व्यक्ति ने अपना नाम केवल समीर बताया था तो लड़की को उसके धर्म के बारे में नहीं पता चला. फिर समीर उससे मिलने लगा और एक दिन जब पीड़ित साईकिल से स्कूल जा रही थी तब समीर उससे मिला और उसे अपने घर ले जाने की जिद्द करने लगा, पर पहले लड़की ने मना किया पर लड़के ने इतनी अच्छी एक्टिंग की तो लड़की यह कहते हुए मान गयी कि जल्दी ही अपने घर लौट जायेगी I
लड़की उसके घर गयी तो लड़के ने पहले उसकी साइकिल छुपा ली और उसे कहा कि तुम अब अपने घर नहीं जाओगी मैं तुमसे शादी करूँगा तो लड़के ने रूम में अपनी जान पहचान वाली महिलायें बुला लिया, लड़के ने जबरदस्ती सिन्दूर लगाने की कोशिश की पीड़ित रोने लगी तो जो महिलाए आयीं थी उन्होंने उसे बहलाने की कोशिश की. लड़की जब समझ गयी कि अब फंस गयी है तो उसने अपने आपको उनके हवाले कर दिया. पीड़िता को पत्नी मानने का ड्रामा चलना शुरू हो गया. लड़की ने कहा कि वह दो बार मौका पा कर वहाँ से भाग भी गयी थी किन्तु उसे दोनों बार पकड़ लिया गया. लड़के के जान पहचान की महिलाओ ने लड़की से कहा कि तुम्हारे अम्मी और अब्बा (अभिभावक) तुम्हारा ख्याल नहीं रखते इसलिए उन्हें भूल जाओ यहीं रहो. लड़की के पास कोई फ़ोन भी नहीं है और मोहम्मद समीर आलम उसके घर बात भी नहीं करने देता था I एक दिन लड़की ने छुप कर बात करने का प्रयास किया किन्तु मोहम्मद समीर आलम को पता चल गया तो लड़की को बहुत डांटा. लड़की को ब्लैकमेल भी किया जा रहा था इसलिए लड़की उसकी बात मानने में मजबूर थी I

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फिर लड़के ने उससे कहा चलो तुम्हे रक्सौल मार्केट घुमा कर लाता हूँ, और लड़की को लेकर बॉर्डर पार कर नेपाल ले जाने के प्रयास में था किन्तु इन्सपेक्टर मनोज कुमार शर्मा के इंटेलिजेंस नेटवर्क से बच ना सका और मानव तस्कर रोधी इकाई (क्षेत्रक मुख्यालय) बेतिया द्वारा पकड लिया गया. सामाजिक कार्यकर्ता और एनजीओ स्वच्छ रक्सौल के डायरेक्टर रणजीत सिंह द्वारा अभियुक्त मोहम्मद समीर आलम पर प्राथमिकी दर्ज कराई गयी, उपरोक्त में भारतीय दंड सहिंता की 363, 366, 376, 370 और पोक्सो एक्ट 03(2) एसटी, एससी एक्ट, बाल विवाह इतियादी की धाराएं लगी हैं.

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इस पूरी काउंसिलिंग और पूछताछ प्रकरण में जिनका महत्वपूर्ण योगदान रहा उनके नाम इस प्रकार है -इन्सपेक्टर मनोज कुमार शर्मा, एनजीओ स्वच्छ रक्सौल के रणजीत सिंह, सब-इंस्पेक्टर दिव्या शर्मा, हवलदार अरविन्द द्विवेदी, हवलदार ओम प्रकाश, सिपाही पम्मी मिश्रा, सिपाही आकांक्षा, चाइल्ड लाइन 1098 से चांदनी कुमारी व् राहुल कुमार, प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर से आरती कुमारी, विजय कुमार शर्मा I

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