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नौ महीने पुरानी ओली सरकार पदच्यूत हो गई, जाते जाते धमका गए, “कैसे काम करते हैं मैं भी देखूँगा”

 

विजेता चौधरी, काठमाण्डू ९ सावन

अन्ततोगत्वा प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली ने राजीनामा दे ही दिया । नौ महीने पुरानी सरकार आज पदच्यूत हो ही गई । दो महीने से चली आ रही कवायद की आज पुर्णाहूति हुई । अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के बाद प्रधानम्रत्री ने आज राजीनामा दिया ।

फोटो साभार -ratopati

एमाले अध्यक्ष ओली पिछले आश्विन २४ गते प्रधानमन्त्री के निर्वाचन में ३ सौ ३८ मत प्राप्त कर देश के ३८ वें प्रधानमन्त्री में निर्वाचित हुए थे ।

आज संसद में बोलते हुए प्रम ओली ने जानकारी दी कि, संसद को संबोधन करने से पहले ही मैंने राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी समक्ष राजीनामा दे दिया था । बहरहाल उनका राजीनामा स्वीकृत कर लिया गया है ।

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पिछले हप्ता प्रमुख सत्ता साझेदार नेकपा माओवादी ने केन्द्र सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था जिसके साथ ही एमाले की सरकार अल्पमत में आ गई थी । माओवादी ने पिछले सप्ताह ही अविश्वास प्रस्ताव संसद में पंजीकृत कराया था जिसपर बहस कराने के सवाल पर सभामुख से प्रम असंतुष्ट भी हुए थे और उनकी कार्यशैली की आलोचना भी की थी । यद्यपि माओवादी केन्द्र के साथ राप्रपा तथा मधेसी जनअधिकार फोरम के प्रधानमन्त्री विरुद्ध अविश्वास के प्रस्ताव संसद में पेश करने के बाद ओली ने राजीनामा दिया है ।

अविश्वास का प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए प्रचण्ड ने कहा कि इनके कार्यकाल की कोई समीक्षा नहीं हो सकती, इन्होंने सिर्फ भाषण ही दिया है और अब शायद थक भी गए हैं ।

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उन के इसी वक्तव्य का जवाव देते हुए ओली ने भावी प्रधानमन्त्री के रूप में देखे जा रहे माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष प्रचण्ड पर निशाना साधते हुए कहा कि “आपकी कार्यशैली को भी देखूँगा कि कैसे काम करते हैं ?”

प्रचण्ड के आरोप का जिसमें उन्होंने कहा था कि ओली गणतंत्र के खिलाफ हैं इस वक्तव्य का ओली ने अपने भाषण में खण्डन किया और कहा कि ये बेबुनियाद है । अब प्रधानमन्त्री का राजीनामा स्वीकृत होने के बाद कांग्रेस, नेकपा माओवादी केन्द्र तथा अन्य छोटे दल मिलकर नया सरकार गठन होने की संभावना है । बहरहाल अब तक की सहमति के मुताबिक केन्द्र के अध्यक्ष प्रचण्ड को प्रधानमन्त्री के उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित की जाने की बात बताई जा रही है जिसकी भद्र सहमति पूर्व में ही हो चुकी है

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यद्यपि नई सरकार गठन न होने तक ओली सरकार ही कार्यवाहक सरकार के रूप में रहेंगे । photo courtesy- ratopati

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