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मुक्ति का आन्दोलन तो मधेश से ही होगा, यह तो टेलर है : जितेन्द्र सोनल

 

अधिकार और न्याय के लडाई में जनता कहीं भी हारी नही हैं
विजेता चौधरी, काठमाण्डू, जेठ ४

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जनता की आवाज तानाशाह सरकार जल्दी नही सुनती है परन्तु अधिकार और न्याय की लडाई में जनता कहीं भी हारी नही है– सदभावना के सहअध्यक्ष लक्ष्मणलाल कर्ण ने प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में धर्ना पर बैठे हुए, शालीन मुद्रा में कहा– आन्दोलन में समय और परिस्थिति अनुसार का परिवर्तन होता है, हम लोग भी आन्दोलन का रुख कडा करेंगे और संविधान में अपना अधिकार पारित करके छोडेगें ।
कडा आन्दोलन का आगे का क्या रुख हो सकता है? एक प्रश्न में जवाव में कर्ण ने कल छलफल के बाद निर्णय ली जाने की बात बाताई ।
मधेसी मोर्चा सहित के २९ दलीय गठबन्धन द्वारा आज मंगलबार प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार घेराऊ आन्दोलन जारी है । माइतिघर तथा हनुमानथान नाका से सिंहदरबार घेराऊ का आन्दोलन आज बालुवाटार में जारी है । आन्दोलन के आगामी रुख के विषय में कल विमर्श पर बैठने की बात सदभावना पार्टी के महासचिव मनिष सुमन ने जानकारी दी ।
वार्ता के विषय में गठबन्धन क्या सोंच रही है, एक प्रश्न पर महासचिव सुमन कहते हैं–ं गनतन्त्र विरोधी सरकार से वार्ता का कोइ सवाल ही पैदा नही होता, २६ गते पत्र पेश हुवा था लेकिन हम लोग अब निरर्थक वार्ता नही करना चाहते । सुमन ने कहा ३६ बार तक वार्ता विफल रहा है, उसी का निरन्तरता का कोइ प्रश्न नही उठता परन्तु सरकार अगर सार्थक बार्ता करना चाहती है तो पहले गिरफतार आन्दोलनकारी नेता की रिहाइ, मुददा फिर्ता तथा शहीद एवम् घायलों को क्षतिपूर्ति देकर सार्थक वार्ता के लिये पृष्ठभूमि बनाएं ।

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क्या सिर्फ धरना पर बैठने भर से सरकार पिघलेगी एक प्रश्न पर सुमन ने सरकार को अर्कमण्य सरकार का संज्ञा देते कुए कहा इस सरकार को गीरा कर आशातित सरकार बनएगें । उन्होंने आन्दोलन का रुख कडा करने की बात बताते हुए कहा आम नेपाली जनता को परेशानि न हों इस बात का खयाल रखते हुए आगे का आन्दोलन कडा होगा ।
तराइ मधेस लोकतान्त्रीक पार्टी के नेता जितेन्द्र शोनल ने कहा हम जानते है सरकार धर्ना से नही पिघलेगी । काठमाण्डू केन्द्रीत ये आन्दोलन तो सिर्फ झाँखी मात्र है । हम लोगों ने तो सिर्फ सरकार को दिखा दिया की हम केन्द्र को भी आन्दोलीत कर सकते है । हम तराइ, पहाड, हिमाल के जनाता मिलकर अब मुक्ति के लिये तराई से फिर से उठेगें । मुक्ति का आन्दोलन तो तराई से ही होगी ।

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