Thu. May 7th, 2026

बिचार

विमलेन्द्र निधि की उमेदवारी के शंखनाद से नेपाली कांग्रेस में तरङ्ग ! : अजय कुमार झा

 

इसे अवश्य सुनें  अजय कुमार झा, जलेश्वर | नेपाली कांग्रेस के उपसभापति विमलेन्द्र निधि नेपाली

अच्छे और बुरे आतंकी के चक्की में पिसते मानव समुदाय : अजय कुमार झा

 

अजय कुमार झा, जलेश्वर | अमेरिकी दूरगामी योजना और तुच्छ व्यापारिक षड़यंत्र के कारण तालिबानी

अफ़ग़ान पर रुस समर्थित तालिबान का क़ब्ज़ा और फिसड्डी अमेरिका-चीन-पाक : अनुज अग्रवाल

 

अनुज अग्रवाल । बिना बड़े रक्त संघर्ष के बाद आसानी से अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़े के

वीर शिरोमणि दुर्गादास के नाम को कभी परिचय की आवश्यकता नहीं : प्रवीण गुगनानी

 

माई एहों पूत जण जेंहो दुर्गादास प्रवीण गुगनानी । भारतीय इतिहास में वीर शिरोमणि दुर्गादास

महामारी, भुखमरी और बेरोजगारी के बीच मध्यावधि चुनाव की घोषणा सिर्फ घोषणा ही है

 

रात के अँधेरे में राजनीतिक नाटक का पटाक्षेप करते हुए राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने

एक ट्वीट नेपाल के मीडिया से लेकर राजनीतिक जानकारो के बीच चर्चा का केंद है…: दीपेंद्र कुमार चौबे

 

ये है सुब्रह्मण्यम स्वामी जिनको भारतीय राजनीति में बहुत ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता है

राजनीति के शुद्धिकरण के लिए सामाजिक जागरण : ई सत्य नारायण शाह

 

ई सत्य नारायण शाह, जनकपुरधाम । राजनीति मूल नीति है, जिससे देश और समाज को इससे प्राप्त

भीम मीम की राजनीति : बाबासाहेब व जोगेंद्र्नाथ की दृष्टि से

 

प्रवीण गुगनानी, ग्वालियर । भारतीय दलित राजनीति वर्तमान समय में सर्वाधिक दिग्भ्रमित दौर में है।

आखिर इमरान खान को पत्र का जवाब देने में एक हफ्ता क्यों लगा ? : वेदप्रताप वैदिक

 

भारत कुछ करके दिखाए डॉ. वेदप्रताप वैदिक। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हमारे प्रधानमंत्री

अंग्रेजीः लोकतंत्र बना जादू-टोना, एक भारत में दो भारत हैं : डॉ. वेदप्रताप वैदिक

 

*डॉ. वेदप्रताप वैदिक* स्वतंत्र भारत को अंग्रेजी ने कैसे अपना गुलाम बना रखा है, इसका

उपन्यास “धनंजय” पर एम्बेसडर अखिलेश मिश्र जी के समीक्षात्मक विचार

 

अर्जुन के आत्मवृतांत पर आधारित उपन्यास “धनंजय” के लोकार्पण के अवसर पर मुझे समीक्षा करने

शिव और तांडव, क्या है दोनों का सम्बन्ध : डॉ श्वेता दीप्ति

 

डा श्वेता दीप्ति आजकल मीडिया में तांडव शब्द काफी चर्चा में है कारण है अमेजन

स्वामी विवेकानंद – भारत के विश्वपुरुष : प्रवीण गुगनानी

 

प्रवीण गुगनानी | स्वामी विवेकानंद जी ने भारत को व भारतत्व को कितना आत्मसात कर

चलो सभी मिलकर संविधान का अंतिम संस्कार करते हैं ! लेकिन..? : जयप्रकाश आनन्द

 

जयप्रकाश आनन्द ।२०७७ पौष २५ गते । पौष २७गते  “राष्ट्रीय एकता दिवस” का धुमधाम है। उस

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