Mon. Jun 15th, 2026

साहित्य

बिहार की बेटी अनामिका को हिन्दी तथा साहित्‍यकार कमलकांत झा को मैथिली का साहित्य अकादमी पुरस्कार

 

जानी-मानी हिंदी साहित्यकार व बिहार की बेटी अनामिका को उनकी हिंदी कविता संग्रह ‘टोकरी में

पहली बार हो रहा है ग्यारह साल में तीस दिन का कुंभ : श्रीगोपाल नारसन

 

पारूल विश्वविद्यालय की ओर से कुंभ दर्शन एंड इट्स सोशल एंड साइक्लोजिकल इम्पेक्ट विषय पर

कथाकार, प्राज्ञ माया ठकुरी को पूर्णिमा साहित्य रत्न–२०७५ से सम्मानित

 

नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला के कोहलपुर में नेपाली आख्यान के क्षेत्र में अतुलनीय

स्मृति शेष : सात्विक पत्रकारिता के पोषक थे कमल दीक्षित!

 

डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट  देश के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता

अजन्मा, अविनाशी ,अशरीरी है शिव हम सबका पालक परमात्मा है शिव : श्रीगोपाल नारसन

 

अजन्मा, अविनाशी ,अशरीरी है शिव हम सबका पालक परमात्मा है शिव खुशी,सुख,प्रेम ,आंनद वह देता

मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ पुनर्जागरण का कारक बनेगी : राज्यपाल कोश्यारी

 

दिनांक 6 मार्च 2022 को महाराष्ट्र व गोवा के माननीय राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी

नारी स्वाभिमान की गाथा है ‘मैं विद्योत्तमा’

 

रुड़की: साहित्यकार श्री गोपाल नारसन की पुस्तक ‘मैं विद्योत्तमा’ नारी स्वाभिमान की प्रतीक महाकवि कालिदास

हंसराज कॉलेज द्वारा साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु के जन्मशताब्दी वर्ष उपलक्ष्य पर संगोष्ठी आयोजित

 

(हिमालिनी दिल्ली ब्यूरो)4 मार्च, 2021:दिल्ली विश्विद्यालय के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज द्वारा सुप्रसिद्ध साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु

शांता कुमार जी की आत्मकथा का विमोचन दिल्ली में हुआ

 

(एस.एस.डोगरा-ब्यूरो प्रमुख दिल्ली) 23 फरवरी,2021 पूर्व केंद्रिय मंत्री-हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री-सांसद शांता कुमार जी की

माँ!तेरा स्नेह मिले प्रतिपल जीवन को आलोकित कर दो मानव सच्चा बन पाऊँ मैं नेह-नीड़ में रस भर दो।

 

माँ **अनिल कुमार मिश्र माँ!तेरा स्नेह मिले प्रतिपल जीवन को आलोकित कर दो मानव सच्चा

लाऊँ कहाँ से अहले सुखन में मताऐ फन बिखरा हुआ अदब है शिकसता ख्याल है :अन्सार नेपाली

 

बाँकें/ नेपालगंज पवन जायसवाल गुल्जार–ए– अदब में अन्सार नेपाली द्वारा प्रस्तुत किया गया गजल ।

उस आईने की आज भी दुनियाँ में कद्र है, जिस आईने में आप का अक्शों जमाल है : अब्दुल लतीफ शौक

 

बाँके/ नेपालगंज पवन जायसवाल गुल्जार–ए– अदब नेपालगन्ज के अध्यक्ष हाजी अब्दुल लतीफ शौक द्वारा प्रस्तुत

सीने में आपके दिले हस्सास है ,अगर अहसान ये जिन्दगी की दरखशाँ मिसाल है : अहसान कुरैशी

 

बाँके / नेपालगंज पवन जायसवाल गुल्जार–ए–अदब के सचिव मोहम्मद मुस्तफा अहसान कुरैशी द्वारा प्रस्तुत  गजल

जमीं पे रह के वो देखेगा आसमाँ कैसे, हमेशा गरदिश–ए–दौरा का जो शिकार रहे : शारिक रब्बानी

 

गजल कार्यक्रम में  अन्जुमन शाहकार–ए–उर्दू उत्तर प्रदेश भारत के अध्यक्ष शारिक रब्बानी द्वारा पढा गया

दिलो–दिमाग को छू लेने वाली कविता–संग्रह ‘एव्री मूमेंट मैटर्स’

 

एस.एस. डोगरा इसमें कोई संदेह नहीं है कि जिन्दगी के प्रत्येक पड़ाव महत्वपूर्ण है लेकिन

हिंदी एवं संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. जीतराम भट्ट से हिमालिनी दिल्ली ब्यूरो प्रमुख एस.एस. डोगरा की बातचीत

 

हिंदी अकादमी की हिंदी भाषा-साहित्य प्रचार-प्रसार में अग्रणी डॉ. जीत राम भट्ट दिल्ली सरकार द्वारा

उपन्यास “धनंजय” पर एम्बेसडर अखिलेश मिश्र जी के समीक्षात्मक विचार

 

अर्जुन के आत्मवृतांत पर आधारित उपन्यास “धनंजय” के लोकार्पण के अवसर पर मुझे समीक्षा करने

लेखकद्वय गोपाल अश्क एवं डा‍ विश्वम्भर शर्मा लिखित पुस्तक ‘भाषा र भोजपुरी भाषा’ का विमोचन

 

लेखकद्वय गोपाल ‘अश्क’ एवं डॉ विश्वम्भर शर्मा लिखित पुस्तक ‘भाषा र भोजपुरी भाषा’ का विमोचन

वर्तमान समय के बड़े आलोचक पर बहस : डाॅ.अरविंद द्विवेदी

 

डाॅ.अरविंद द्विवेदी , चंडीगढ, पंजाब । गत दिनों हिंदी की शीर्षस्थ साहित्यकार श्रीमती चित्रामुद्गल ने

एकादश विश्व हिंदी सम्मेलन–एक अद्यतन रिपोर्ट : रघुवीर शर्मा

 

विश्व हिंदी सम्मेलन हिंदी भाषा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन है जिसमें

बंगाल-राजनैतिक इतिहास पर वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी की पुस्तकें पठनीय प्रशंसनीय: मोदी

 

नई दिल्ली, 30 जनवरी 2021: (एस.एस.डोगरा) कोलकाता प्रवास के दौरान विक्टोरिया हॉल में विशेष मुलाक़ात

करुणाशंकर उपाध्याय आज के सबसे बड़े आलोचक हैं : श्रीमती चित्रामुद्गल

 

विश्व हिंदी संगठन, नई दिल्ली द्वारा डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय की सद्यःप्रकाशित पुस्तक ‘ मध्य कालीन कविता

“कैलिफोर्निया, अमेरिका से प्रो नीलू गुप्ता की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन सम्पन्न”

 

विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस  न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन एवं सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-

स्वामी विवेकानंद – भारत के विश्वपुरुष : प्रवीण गुगनानी

 

प्रवीण गुगनानी | स्वामी विवेकानंद जी ने भारत को व भारतत्व को कितना आत्मसात कर