Wed. Jun 10th, 2026

साहित्य

सात समुंदर पार से.. अंतरराष्ट्रीय लघुकथा वाचन समारोह सम्पन्न

 

रूपल उपाध्याय,संवाददाता , बडौदा, गुजरात । साहित्य अर्पण साहित्यिक समूह द्वारा अंतरराष्ट्रीय लघुकथा वाचन समारोह

‘शब्दपुरुष : माणिकचंद्र वाजपेयी’ का लोकार्पण

 

8 अक्टूबर,2020: (हिमालिनी दिल्ली ब्यूरो डेस्क) प्रख्यात पत्रकार माणिकचंद्र वाजपेयी जी पर एकाग्र पुस्तक ‘शब्दपुरुष

लोक जीवन के चितेरे छायाकार ओमप्रकाश कादयान

 

 ऐतिहासिक, धर्मिक इमारतों-कुओं, तालाबों, छतरियाँ व बावड़ियाँ, किले आदि तथा इमारतों पर अंकित, मिटती जा

आचार्य रामचंद्र शुक्ल विश्व के तीन सबसे बड़ आलोचकों में से एक हैं : डॉ.करुणाशंकर उपाध्याय

 

करुणाशंकर उपाध्याय, मुंबई । आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिंदीऔर भारतीय भाषाओं के ही सर्वश्रेष्ठ आलोचक नहीं

महिलाओं का सामूहिक सफर ‘नारी तू नारायणी’ से ‘माल है क्या’ : वीरेन्द्र बहादुर सिंह

 

अमिाताभ बच्चन की शालीनता और पॉलिटिकली करेक्ट रहने की खूबी पूरे परिवार में नहीं आ

महात्मा गान्धीजी के प्रति श्रद्धाञ्जली स्व. हरिश्चन्द्र शाही

 

किताबों के पन्ने से महात्मा गान्धीजी के प्रति श्रद्धाञ्जली स्व. हरिश्चन्द्र शाही (वि.स.१९४८–२०३०) १– भारत

सशस्त्र बलों में महिलाएं – नए पंख, आकाश को छूने के लिए : लि : प्रियंका सौरभ

 

इज़राइल, जर्मनी, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में युद्धक भूमिकाओं में महिला सैनिकों के उदाहरण

सभी भारतीय भाषाएं हैं राष्ट्रभाषा : प्रो. अग्निहोत्री

 

*नई दिल्ली, 28 सितंबर*( हिमालिनी न्यूज डेस्क-दिल्ली ब्यूरो) ‘सभी भारतीय भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं, इसलिए

तो क्या हम राम भी  वैसी अग्नि–परीक्षा दे पाएंगे ? : राजेन्द्र शलभ

 

अग्निपरीक्षा   अपने माता–पिता  साथी–संगी, घर–परिवार  सभी को छोड़कर  राम के पीछे–पीछे सीता  राम के घर चली

“संस्कारों की पाठशाला” की कहानियाँ आसपास में घटित घटनाओं का दस्तावेज है

 

पुस्तक समीक्षा ‘संस्कारों की पाठशाला’ उद्दात भावों का प्रकटीकरण पुस्तक का नाम – संस्कारों की

आज की शाम -हिंदी के नाम : नेपाल मारवाडी लेखक मञ्च द्वारा आयोजित

 

*मनीषा मारु, बिराटनगर। “नेपाल मारवाडी लेखक मञ्च द्वारा” १४ सितम्बर २०२० को हिन्दी दिवस के

मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा ‌अंतरराष्ट्रीय हिंदी-संगोष्ठी आयोजित

 

अनेक देशों के विद्वानों ने किया हिंदी की प्रासंगिकता पर विचार-मंथन नारनौल। आज हिंदी विश्व

 डॉ.करुणाशंकर उपाध्याय की आलोचना दृष्टि : डॉ.आलोकरंजन पांडेय

 

डॉ. आलोकरंजन पांडेय,नयी दिल्ली।भारतीय परंपरा सदा-सर्वदा से ही गुरु अथवा आचार्य के प्रति आस्थावान रही

मनुमुक्त ट्रस्ट नारनौल, हरियाणा द्वारा अंतरराष्ट्रीय कवि-सम्मेलन आयोजित

 

मनुमुक्त ट्रस्ट द्वारा अंतरराष्ट्रीय कवि-सम्मेलन आयोजित एक दर्जन देशों के कवियों ने किया वर्चुअल काव्य-पाठ