Wed. Aug 19th, 2026

साहित्य

तो क्या हम राम भी  वैसी अग्नि–परीक्षा दे पाएंगे ? : राजेन्द्र शलभ

 

अग्निपरीक्षा   अपने माता–पिता  साथी–संगी, घर–परिवार  सभी को छोड़कर  राम के पीछे–पीछे सीता  राम के घर चली

“संस्कारों की पाठशाला” की कहानियाँ आसपास में घटित घटनाओं का दस्तावेज है

 

पुस्तक समीक्षा ‘संस्कारों की पाठशाला’ उद्दात भावों का प्रकटीकरण पुस्तक का नाम – संस्कारों की

आज की शाम -हिंदी के नाम : नेपाल मारवाडी लेखक मञ्च द्वारा आयोजित

 

*मनीषा मारु, बिराटनगर। “नेपाल मारवाडी लेखक मञ्च द्वारा” १४ सितम्बर २०२० को हिन्दी दिवस के

मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा ‌अंतरराष्ट्रीय हिंदी-संगोष्ठी आयोजित

 

अनेक देशों के विद्वानों ने किया हिंदी की प्रासंगिकता पर विचार-मंथन नारनौल। आज हिंदी विश्व

 डॉ.करुणाशंकर उपाध्याय की आलोचना दृष्टि : डॉ.आलोकरंजन पांडेय

 

डॉ. आलोकरंजन पांडेय,नयी दिल्ली।भारतीय परंपरा सदा-सर्वदा से ही गुरु अथवा आचार्य के प्रति आस्थावान रही

मनुमुक्त ट्रस्ट नारनौल, हरियाणा द्वारा अंतरराष्ट्रीय कवि-सम्मेलन आयोजित

 

मनुमुक्त ट्रस्ट द्वारा अंतरराष्ट्रीय कवि-सम्मेलन आयोजित एक दर्जन देशों के कवियों ने किया वर्चुअल काव्य-पाठ

चर्चा में अनिता सोनी द्वारा रचित राष्ट्रीयगीत ” कति राम्राे कति प्याराे, नेपाल देश हाम्राे”

 

माला मिश्रा बिराटनगर । नेपालके प्रतिष्ठित  घराने की अनिता साेनी द्वारा रचित राष्ट्रिय गीत ”

कोरोना से जीत अगर हासिल कर भी ले आने वाली बड़ी आफ़त से कैसे बच पाये ! : किशोरी शारदा

 

 कोरोना संकट (ग़रीब बच्चों का भविष्य??) इस व्यथा का कैसे वर्णन करूँ मैं कैसे संकट

“बहुत गहरी अनुभूति और यथार्थ का चित्रण – साहित्य, साहित्यकार और वैश्विक धरोहर “

 

सुपरिचित कवि, विजय तिवारी जी से प्रथम मुलाकात श्रीनाथद्वारा में साहित्य मंडल द्वारा आयोजित समारोह

‘राष्ट्रकवि माधवप्रसाद घिमिरे काव्य पुरस्कार’ की घोषणा

 

२० अगस्त, काठमांडू । अन्तरराष्ट्रीय नेपाली साहित्य समाज (अनेसास) ने ‘राष्ट्रकवि माधवप्रसाद घिमिरे काव्य पुरस्कार’

सादा जीवन उच्च विचार, मानव जीवन का श्रृंगार : कमला भंसाली जैन

 

अणुव्रत चेतना दिवस पर जीवन में अणुव्रत अपनाएं, नैतिक, निष्ठा को पनपाएँ,नशा मुक्त अभियान चलाएं

पुरुषोत्तम अनासक्त -कृष्ण हैं, अव्यक्त में वे व्यक्त -कृष्ण हैं : लक्ष्मण नेवटिया

 

*_” ईश्वर: परम: कृष्ण:”_* सर्वेश्वर सर्वशक्तिमान् -कृष्ण हैं, रासेश्वर रसिकवान् -कृष्ण हैं, शतत दिव्यतम ज्ञान

एक शाम राम लला के नाम अंतर्रास्तरीय काव्य संगोष्ठि आयोजित

 

हिमालिनी दिल्ली ब्यूरो डेस्क । इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फेस्टिवल की हरियाणा शाखा के सौजन्य से राम

गोरे नन्द जशोदा गोरी तू कत स्यामल गात : श्वेता दीप्ति

 

कृष्णाष्टमी विशेष डा श्वेता दीप्ति   भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण व्यक्तित्व जितना मोहक था उतना

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