Fri. Aug 14th, 2020

बिचार

मूलनिवासी दिवस या इंडिजिनस पीपल डे एक भारत मे एक नया षड्यंत्र है : प्रवीण गुगनानी

बिरसा मुंडा का उलगुलान ही मूलनिवासी दिवस का खंडन है  प्रवीण गुगनानी, ग्वालियर । मूलनिवासी

आदिवासी दिवस के बहाने अलगाववाद की राजनीति : डॉ नीलम महेन्द्र

आदिवासी दिवस के बहाने अलगाववाद की राजनीति आदिवासी दिवस के बहाने अलगाववाद की राजनीति वैशविक परिदृश्य में

तकनीकी के साथ प्राकृतिक सरंक्षण एवं संवर्धन “: डाॅ अरविंद दीक्षित

आज के परिवेश में तकनीकी ने हमारे जीवन में अनेक क्रांतिकारी परिवर्तन किये हैं। जिससे

भारत में चीनी घुसपैठ और उसके पीछे हटने का कारण : डॉ करुणाशंकर उपाध्याय

डॉ करुणाशंकर उपाध्याय, मुम्बई । आखिरकार भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोवाल ने

राष्ट्रीयता कहाँ गई ? नेपाल में चीनी राजदूत की सक्रियता का अर्थ : डा श्वेता दीप्ति

डा श्वेता दीप्ति, काठमांडू | नेपाल की राजनीतिक सरगर्मी में चीनी राजदूत होउ यान्छी  की

नेपाल की संस्कृति की जड़ो मे हिंदी है : प्रवीण गुगनानी

प्रवीण गुगनानी, ग्वालियर । नेपाली संसद मे हिंदी भाषा को प्रतिबंधित करने की चर्चा बल

सम्राट अशोक बनने की आकांक्षा में संबन्धों को नष्ट करने पर तुली है सरकार : जय प्रकाश आनन्द

जयप्रकाश आनंद, बिराटनगर । नेपाल में भारत द्वारा सभी पहलुओं में एक अजीब हस्तक्षेप था।

ग्रामों के क्लस्टर बनाकर देश के आर्थिक विकास को दी जा सकती है गति : प्रह्लाद सबनानी,

प्रह्लाद सबनानी, ग्वालियर | कोरोना महामारी के कारण लगभग दो माह के लॉक डाउन के

मधेश क्या खोया क्या पाया ? अपने ही नेताओ से निराश मधेश : सुशिल भट्टराई

सुशिल भट्टराई, बीरगंज । पूरे मधेस की आवश्यकता और मधेशी लोगों की इच्छा अनुसार विभिन्न

यदि आज चीन-पाकिस्तान एक साथ भारत पर हमला करें तो क्या होगा ? : डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय

डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय ( रक्षा व विदेश मामलों के विशेषज्ञ), मुम्बई। आज विश्व के तमाम

कर्मयोग से प्रदेश का भविष्य बदलता एक योगी : डॉ नीलम महेंद्र

डॉ नीलम महेंद्र, ग्वालियर । एक प्रदेश जो लचर कानून व्यवस्था अराजकता और भ्रष्टाचार के लिए जानाजाता था।

सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों के बीच नहीं हैं कोई सीमाएं : नेपाल भारत सीमा विवाद

मधुप मोहता भारत-नेपाल के बीच कालापानी सहित लिपुलेख क्षेत्र की सीमाओं को लेकर पैदा हुआ

आखिर भारतीय सेना कालापानी में कैसे स्थापित हुई और नेपाल क्यों चुप रहा ?: कैलाश महतो

कैलाश महतो, नवलपरासी,नेपाल |  हमें हमारे पहला से उच्च श्रेणियों के शैक्षिक संस्थानों तक में