साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी पत्रिका लाख टके का जूता : विम्मी शर्मा 7 years ago हिमालिनी, अंक फेब्रुअरी 2019 | (व्यंग्य ) लाख टके की बात यह है कि हमारे बड़बोले
breaking साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष पिके हो या सिके सब राजनीति के मैदान मे हैं बिके : बिम्मी शर्मा (व्यंग्य) 7 years ago बिम्मी शर्मा (व्यंग्य) | पिके गिर पडे और सिके उठ पडे । राजनीति में यही
nepalgunj साहित्य हिमालिनी अपडेट अवधि भाषा में योगदान देनेवाले सम्मानित 7 years ago नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल । बाके जिला के नेपालगन्ज में अवधी सा“स्कृतिक प्रतिष्ठान केन्द्रीय समिति नेपालगन्ज
साहित्य हिमालिनी अपडेट मानवता (गजल) : निर्मल रमण पराजुलि 7 years ago मानवता मानव हो कर मानविय धर्म, निभाओ तो मै जानु गिले शिक्वे दिलसे हटाके, मुस्कुराओ
breaking साहित्य हिमालिनी अपडेट परिमल प्रवाह द्वारा हिंदी साहित्य समागम झारखंड में शुरू, नेपाल से डा.श्वेता दीप्ति सहभागी 7 years ago झारखण्ड | साहित्यिक संस्था परिमल प्रवाह द्वारा आयोजित दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम शनिवार से
साहित्य हिमालिनी अपडेट महकी महकी महफिल थी (कविता) : सरस्वती शर्मा सुबेदी 7 years ago फूल महकी महकी महफिल थी वो फूलो की रात थी सामने वाली खिडकी से चाँदका
नेपाल साहित्य हिमालिनी अपडेट नेपाली टोपी 7 years ago मेरी नेपाली टोपी मेरी शान है । मेरे सरपर हिमाल की पहचान है ।। सबने
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष हम को गुज़री हुई सदियाँ तो न पहचानेंगी, आने वाले किसी लम्हे को सदा दी जाये :जाँ निसार अख़्तर 7 years ago जाँ निसार अख़्तर उर्दू शायरी के मशहूर और मारूफ शायर हैं , जो कि तरक्की
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष आज वो आख़िरी तस्वीर जला दी हम ने जिस से उस शहर के फूलों की महक आती थी : जैदी 7 years ago मुस्तफा जैदी मोहब्बत के बड़े फनकार माने जाते हैं। उर्दू के एक प्रगतिशील शायर थे।
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें : अहमद फ़राज़ 7 years ago अहमद फ़राज़ उर्दू अदब की मक़बूल हस्तियों में से एक हैं जो मुशायरों की जान
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष गरज कि काट दिए जिंदगी के दिन ऐ दोस्त, वो तेरी याद में हों या तुझे भुलाने में : फिराक गोरखपुरी 7 years ago आधुनिक उर्दू शायरी के सबसे लोकप्रिय शायरों में से एक फिराक गोरखपुरी का मूल नाम
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष मेरे जीने का तौर कुछ भी नहीं साँस चलती है और कुछ भी नहीं : नूर नारवी 7 years ago अलहदा शायर ‘नूह नारवी’दाइश नारा (इलाहाबाद के निकट एक छोटा सा शहर) के एक जागीरदार
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता है : नीरज 7 years ago गोपाल दास नीरज. कविता और गीतों के पन्नों पर दर्ज वो नाम जो आधी सदी
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं, दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बाद : कैफी आजमी 7 years ago अपने गीतों और गजलों के माध्यम से पूरी दुनिया को दिशा दिखाने वाले प्रख्यात शायर
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष प्रिये तुम्हारी इन आँखों में मेरा जीवन बोल रहा है : गाेपाल सिंह नेपाली 7 years ago गोपाल सिंह नेपाली (Gopal Singh Nepali) का 11 अगस्त 1911 को बेतिया, पश्चिमी चम्पारन (बिहार) में
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष तुम्हारे ख़्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं सज़ाएँ भेज दो हम ने ख़ताएँ भेजी हैं : गुलजार 7 years ago गुलज़ार जी का नाम हिंदी व उर्दू जगत में कौन नहीं जानता इनका पूरा नाम
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष कभी छोड़ी हुई मंज़िल भी याद आती है राही को, खटक सी है जो सीने में ग़म-ए-मंज़िल न बन जाए : इकबाल 7 years ago अच्छा है दिल के साथ रहे पासबान-ए-अक़्ल लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष वो सुब्ह कभी तो आएगी जब दुख के बादल पिघलेंगे जब सुख सागर छलकेगा : साहिर लुधियानवी 7 years ago साहिर लुधियानवी : जिसने अपना हर इश्क़ अधूरा छोड़ा, शायद इसलिए कि वह साहिर बना
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष आँसू हैं चीर जैसे हर आँख द्रौपदी है, यह बीसवीं सदी है : कुँवर बैचेन 7 years ago दिवस खरीदे मजदूरी ने मजबूरी ने रात शाम हुई नीलाम थकन
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष जख्मों को रफू कर लें, दिल शाद करें फिर से, ख्वाबों की कोई दुनिया, आबाद करें फिर से : शहरयार 7 years ago शहरयार की शायरी और शहरयार की शख्सियत दोनों एक-दूसरे के उलट हैं। तमाम इंसानी कमजोरियों
साहित्य हिमालिनी पत्रिका हिमालिनी विशेष नेपाली पाठकों के लिए दूसरी सम्पर्क भाषा जैसी है हिन्दी : मनप्रसाद सुब्बा 7 years ago हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 |नेपाली भाषा और हिन्दी भाषा मे एक–आपस में सिर्फ सामीप्य ही नहीं
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष राह देखा करेगा सदियों तक छोड़ जाएंगे यह जहां तन्हा : मीना कुमारी 7 years ago कम लोग जानते हैं कि मीना कुमारी के अदाकारी के साथ एक शायराना मिज़ाज भी
साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष वरिष्ठ साहित्यकार एवं अन्वेषक शिव रेग्मी का ७८ वर्ष की आयु में निधन 7 years ago काठमाडौँ वरिष्ठ साहित्यकार एवं अन्वेषक शिव रेग्मी का ७८ वर्ष की आयु में २१ फरवरी
breaking अन्तरबार्ता साहित्य हिमालिनी पत्रिका हिमालिनी विशेष नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान का संस्थागत संबंध भारत की साहित्य अकादमी के साथ रहा है : गंगा प्रसाद उप्रेती 7 years ago हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 |नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान नेपाल की भाषा, साहित्य, संस्कृति को समर्पित संस्था
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ : राहत इन्दाैरी 7 years ago ग़ज़ल अगर इशारों की कला है तो मान लीजिए कि राहत इंदौरी वो कलाकार हैं
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष नयन को घेर लेते घन, स्वयं में रह न पाता मन लहर से मूक अधरों पर व्यथा बनती मधुर सिहरन : नामवर सिंह 7 years ago पथ में साँझ पथ में साँझ पहाड़ियाँ ऊपर पीछे अँके झरने का पुकारना । सीकरों
breaking व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष नहीं रहे हिन्दी आलाेचना के शिखर पुरुष नामवर सिंह 7 years ago २० फरवरी हिंदी के प्रख्यात आलोचक और साहित्यकार नामवर सिंह का दिल्ली के एम्स अस्पताल
nepalgunj साहित्य हिमालिनी अपडेट ५ नं. प्रदेश स्तरीय भाषाभाषी स्रष्टा सम्मान, अन्तरक्रिया तथा बहुभाषिक कवि गोष्ठी 7 years ago नेपालगन्ज÷(बा“के) पवन जायसवाल । विश्व भाषाभाषी दिवस २०७५ की अवसर पर ५ नं. प्रदेश स्तरीय
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते इसीलिए तो तुम्हें हम नज़र नहीं आते :वसीम बरेलवी 7 years ago वसीम बरेलवी उर्दू के लोकप्रिय शायर हैं और आम से लेकर ख़ास तक सभी उनके
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष जला अस्थियाँ बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल कलम, आज उनकी जय बोल. 7 years ago वैसी कविता जो मन को आंदोलित कर दे और उसकी गूंज सालों तक सुनाई दे.
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष हर इक शब हर घडी गुज़रे क़यामत यूं तो होता है मगर हर सुबह हो रोज़े-जज़ा, ऐसे नहीं होता : फैज 7 years ago अवाम के शायर फैज अहमद फैज का नाम उर्दू कविता और शायरी में बड़े ही
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष चिंगारी तूने दी थी यह दिल सदा जलता रहा, वक़्त कलम पकड़ कर कोई हिसाब लिखता रहा : अमृता प्रीतम 7 years ago अमृता प्रीतम मोहब्बत जिस राह से गुजर कर आई है.. बहुत बार प्रेम की अतृप्ति
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता बशीर भद्र 7 years ago अवाम के चहेते शायर बशीर भद्र के शेर जिसे भारतीय संसद में मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
विविध व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष तुम मिली और मैं उजालों से भर गया इस अंधेरी रात में मरुस्थल में उतरते चाँद की तरह…दुष्यंत कुमार 7 years ago कहते हैं कि अगर किसी शायर को आप से मोहब्बत हो जाए तो आप कभी
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष हर ख़ुशी में कोई कमी-सी है हँसती आँखों में भी नमी-सी है : जावेद अख्तर 7 years ago १ दर्द अपनाता है पराए कौन कौन सुनता है और सुनाए कौन कौन दोहराए वो
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष अपने तड़पने की मैं तदबीर पहले कर लूँ तब फ़िक्र मैं करूँगा ज़ख़्मों को भी रफू का : मीर 7 years ago मीर उर्दू के पहले सबसे बड़े शायर जिन्हें ‘ ख़ुदा-ए-सुख़न, (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता
धर्म संस्कृति व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य हिमालिनी पत्रिका हिमालिनी विशेष वैदिक धर्मनिष्ठ संस्कृत के विद्वान् शिवराज आचार्य कौण्डिन्न्यायन : प्रियंवदा काप्ले 7 years ago हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 | इस जगत् मे सभी लोग एक ही स्वभाव के नही
साहित्य हिमालिनी पत्रिका जिजीविषा : आलोक कुमार 7 years ago ये सुइयों की चुभन और कीमों की जलन ने भर डाला था मुझमें विषाद
साहित्य हिमालिनी अपडेट सच्चाई का हलुवा (लघु कथा) : डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी 7 years ago सच्चाई का हलुवा वह दुनिया का सबसे बड़ा बावर्ची था, ऐसा कोई पकवान नहीं था,
साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष अभी ज़िंदा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा, मैं घर से जब निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है : मुनव्वर राणा 7 years ago अब आप की मर्ज़ी है सँभालें न सँभालें ख़ुशबू की तरह आप के रूमाल में
इंडिया साहित्य हिमालिनी अपडेट हिंदुस्तानी भाषा अकादमी द्वारा हिंदी भाषा के ‘मेधावी छात्र एवं शिक्षक सम्मान समारोह’ 7 years ago राजकुमार श्रेष्ठ, दिल्ली । ‘मेधावी छात्र एवं शिक्षक सम्मान समारोह’ सम्पन्न:10वीं कक्षा में हिंदी भाषा
साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष रुमानी मिजाज के शायर गुलजार .हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया । 7 years ago एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरवाई भी, ऐसा तो कम ही होता है
साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी पत्रिका हमें गुलाब जैसा खिलने दो, मौन तुम्हारे चरणों में ः प्रेमाशाह 7 years ago प्रसिद्ध साहित्यकार प्रेमा शाह की प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर प्रेमा शाह नेपाली साहित्य
lumbani बिचार साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी पत्रिका कालजयी भाषा है हिंदी : डॉ. कौशलेन्द्र श्रीवास्तव 7 years ago हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 | हिमालिनी के अगस्त अंक में २ नम्बर प्रदेश की सम्मानित
साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष जिस्म बूढ़ा हो चुका है लेकिन आंखों में बदमाशी आज भी मौजूद है : खुशवंत सिंह 7 years ago २फरवरी जाने-माने लेखक, कवि और स्तंभकार खुशवंत सिंह जन्म 2 फरवरी 1915 को हुआ था।
साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष भावनाओं में बुना एक दर्द जो सालता है धीरे-धीरे मुझे : राजन 7 years ago *अनाम रिश्ते* राजकुमार जैन राजन भावनाओं में बुना एक दर्द जो सालता है धीरे-धीरे मुझे
पुस्तक समीक्षा साहित्य हिमालिनी अपडेट प्रणाम पर्यटन : पर्यटन व साहित्य की एक गंभीर पत्रिका (पत्रिका समीक्षा) 7 years ago कुमारी दृष्टि, लखनऊ | पर्यटन अनुभवो का जन्मदाता होता है । महात्मा गांधी ने विदेश
साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी पत्रिका हिमालिनी विशेष विश्व हिंदी सम्मेलन, मॉरीशस विस्तृत रिपोर्ट : डा रघुवीर शर्मा 7 years ago हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 | भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा मॉरीशस सरकार के सहयोग
साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी पत्रिका हल्की हल्की बारिश की बूँदें गिरतीं, वो बैसाखी लिए आराम से चलती : सुरभि मिश्रा 7 years ago उसकी याद हल्की हल्की बारिश की बूँदें गिरतीं वो बैसाखी लिए, आराम से चलती बैसाखी
विश्व साहित्य हिमालिनी विशेष चीन में हिंदी भाषा का बढ़ता प्रभाव 7 years ago वर्तमान परिस्थितियों में चीन के हालात में कई परिवर्तन हो रहे । जब से चीन
बिचार साहित्य हिमालिनी पत्रिका हिमालिनी विशेष नेपाली भाषा साहित्य और नेपाल में हिंदी की स्थिति : राजकुमार श्रेष्ठ 7 years ago हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 | युगों–युगों से लाखों सैलानियों को अपनी सुन्दरता से मुग्ध करने
breaking साहित्य हिमालिनी विशेष देश स्विटजरलैंड बने न बने पर माहौल तो स्विसमय बन ही गया : बिम्मी शर्मा (व्यग्ंय) 7 years ago बिम्मी शर्मा,वीरगंज ,२२जनवरी२०१९ | इस देश के नेता हमेशा से देश को स्विटजरलैंड बनाने की
साहित्य हिमालिनी अपडेट बेटी पिता की शान है, बेटी ह्रदय की जान है : डॉ गुलाब चंद पटेल 7 years ago इतिहास रचाओ देश में एक इतिहास रचाओ बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ बेटी पिता की
birgunj नारी साहित्य हिमालिनी पत्रिका हिमालिनी विशेष बेटी वा बेटा, दोनों अपना खून, तो भेद कैसा : अंकिता सुमार्गी 7 years ago हाइकु अंकिता सुमार्गी आजका दिन करता है स्वागत आप सभी का बुद्धका देश हमारी मातृभूमि
साहित्य हिमालिनी पत्रिका जनजन मन में चेत जगाएँ (पर्यावरण गीत) : डा. घनश्याम न्यौपाने परिश्रमी 7 years ago डा. घनश्याम न्यौपाने परिश्रमी जनजन मन में चेत जगाएँ हरित सुशोभित धरती बनाएँ कर्म करे
साहित्य हिमालिनी पत्रिका शरीर, मन और वाणी 7 years ago भजन कैसे किया जाए– इसका कोई एक उत्तर नहीं होता है । क्या नहीं होता है
breaking साहित्य हिमालिनी पत्रिका हिमालिनी विशेष प्रेम और प्रकृति के कवि बसन्त चौधरी : डॉ. श्वेता दीप्ति 7 years ago ‘यकीं है ये, मेरा दावा नहीं, कि दुनिया में कोई तुमसा नहीं’ तुम आज भी
राजनीति विविध साहित्य हिमालिनी अपडेट घायल राजनीति (व्यग्ंय)……… : बिम्मी शर्मा 7 years ago ………बिम्मी शर्मा, वीरगंज | देश की राजनीति चरम पद लोलुपता और भ्रष्टाचार के दलदल में
साहित्य हिमालिनी पत्रिका माँ …. : राजेन्द्र शलभ 7 years ago माँ राजेन्द्र शलभ सूरज की तरह बड़ी सी लाल बिन्दिया जब माथे पे लगाती थी
साहित्य हिमालिनी पत्रिका प्रतिशोध का दंश : डा. बन्दना गुप्ता 7 years ago स्त्री जब प्रताडि़त होती है, बार–बार तब झुलसे वजूद की चिन्गारियां, करने लगती है तांडव
साहित्य हिमालिनी अपडेट प्रसिद्ध ‘गजल कुम्भ २०१९’ दिल्ली में सम्पन्न 7 years ago संजय कुमार गिरि ,नई दिल्ली , अंजुमन फ़रोग़-ए-उर्दू,(रजि.) दिल्ली के तत्वाधान में ,बसंत चौधरी फ़ाउंडेशन,नेपाल
साहित्य हिमालिनी पत्रिका भ्यू टावर (व्यंग्य) : बिम्मी कालिंदी शर्मा 7 years ago हिमालिनी, अंक डिसेम्वर 2018,व्यंग्य, बिम्मी कालिंदी शर्मा विदेशों से अयात हो कर देश में समृद्धि
विविध साहित्य हिमालिनी अपडेट एक लड़का हैं,जो प्यार मुझसे करता है : संध्या चतुर्वेदी 7 years ago पतंग,मांझा और प्राण (लेख) संध्या चतुर्वेदी अहमदाबाद, गुजरात | 14 जनवरी को मकर संक्रांति का
nepalgunj साहित्य हिमालिनी अपडेट गुल्जारे अदब द्वारा मासिक गजल गोष्ठी 7 years ago नेपालगञ्ज(बाँके), पवन जायसवाल । बाँके जिला स्थित रही गुल्जारे अदब नेपालगन्ज ने पौष २८ गते