Sun. May 31st, 2026

कविता

मैंने वि.पी. को देखा है : अजय कुमार

 

उदारवादी जनप्रेमी दूरदर्शी समाजवादी चिंतक तथा नेपाली राजनीति के ऐतिहासिक महापुरुष आदरणीय विश्वेश्वरप्रसाद कोइराला के

जिस तरह आती है चुपके से कविता और मृत्यु अकेले में : विनय सौरभ

 

हिन्दी के सुप्रसिद्ध संवेदनशील कवि विनय सौरभ की कविताएँ १ किसी दिन मैं आऊँगा चुपके

एफआईएमटी कॉलेज द्वारा ऑनलाइन कविता प्रतियोगिता, राज्यवर्धन को प्रथम स्थान मिला

 

शनिवार, 1 मई, 2021: एफआईएमटी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग द्वारा ऑनलाइन कविता प्रतियोगिता का सफल

अजन्मा, अविनाशी ,अशरीरी है शिव हम सबका पालक परमात्मा है शिव : श्रीगोपाल नारसन

 

अजन्मा, अविनाशी ,अशरीरी है शिव हम सबका पालक परमात्मा है शिव खुशी,सुख,प्रेम ,आंनद वह देता

माँ!तेरा स्नेह मिले प्रतिपल जीवन को आलोकित कर दो मानव सच्चा बन पाऊँ मैं नेह-नीड़ में रस भर दो।

 

माँ **अनिल कुमार मिश्र माँ!तेरा स्नेह मिले प्रतिपल जीवन को आलोकित कर दो मानव सच्चा