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हिमालिनी पत्रिका

दिलो–दिमाग को छू लेने वाली कविता–संग्रह ‘एव्री मूमेंट मैटर्स’

 

एस.एस. डोगरा इसमें कोई संदेह नहीं है कि जिन्दगी के प्रत्येक पड़ाव महत्वपूर्ण है लेकिन

एकादश विश्व हिंदी सम्मेलन–एक अद्यतन रिपोर्ट : रघुवीर शर्मा

 

विश्व हिंदी सम्मेलन हिंदी भाषा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन है जिसमें

एक नजर २०२० की कुछ राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय घटनाओं पर : मुरलीमनोहर तिवारी

 

हिमालिनी 2021 जनवरी अंक  जनवरी २०२० – ३ जनवरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब चिंता

शिक्षकों की हत्या करना क्रान्ति नहीं है : राजनारायण यादव

 

खुद को सच्चा कम्युनिष्ट पार्टी कहनेवाला नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी अर्थात् नेत्रविक्रम चन्द ‘विप्लव’ (जिसको विप्लव

कर्तव्य वह जिससे मानवता और नैतिकता हमेशा जिन्दा रहे : डॉ श्वेता दीप्ति

 

सम्पादकीय : हिमालिनी २०२० डिसेम्वर अंक | हमारी जिंदगी में सुख और दुःख दोनों लगे

1 दिसंबर विश्व एड्स दिवस पर विशेष,एचआईवी संक्रमण के साथ भी गुणवत्ता पूर्ण जीवन जी सकते हैं

 

डॉ मनोज कुमार तिवारी, बाराणसी । एचआईवी/एड्स एक विश्वव्यापी समस्या है जिससे विश्व के सभी

भारत नेपाल की सांझी विरासतः वृहत्तर एकता के संदर्भ में- डॉ. कामिनी वर्मा

 

हिमालिनी  अंक अक्टूबर 2020 |‘माता भूमिः पुत्रोअहं पृथिव्याः’ अर्थात पृथ्वी हमारी मां है और हम

भारत–नेपाल संबंध : रोटी बेटी या रोती बेटी

 

गीता कोछड़ जायसवाल ,सितम्बर २०२० अंक।भारत–नेपाल संबंधों को अक्सर कई विद्वान, मंत्री, विदेश सचिव, दोनों

राजनीतिक बिसात के मोहरे-कितने लोकप्रिय कितने अलोकप्रिय : श्वेता दीप्ति

 

वामदेव गौतम, युवराज खतिवडा और कुलमान घिसिंग ये वो नाम हैं, जिन्होंने पिछले समय में

हिमालय का कवि – गोपाल सिंह नेपाली : बहादुर मिश्र

 

हिमालिनी  अंक अगस्त 2020 । बहादुर मिश्र,११०वीं जन्मतिथि । भौगोलिक दृष्टि से हिमालय भले ही

नेपाल की विदेश नीति का परीक्षण–समय : डॉ. श्वेता दीप्ति

 

डॉ श्वेता दीप्ति, हिमालिनी, अंक अगस्त 2020। यह समय वैश्विक स्तर पर निःसन्देह हताशा और

भावी सभापति के लिए दौड़ “निधी के लिए ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ : लीलानाथ गौतम

 

  हिमालिनी  अंक अगस्त 2020 । सत्ताधारी नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) हो या प्रमुख प्रतिपक्षी

रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजाने में मशगूल था : श्वेता दीप्ति

 

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्।। ॐ

हिंदू राष्ट्र पर कम्युनिस्ट विचारधारा का प्रहार, ओली के शासन में नेपाल अस्तव्यस्त

 

डॉ. गीता कोछड़ जायसवाल/मुरली मनोहर तिवारी जैसे ही कालापानी, लिपुलेक, लिम्पियाधुरा के मुद्दे ने राष्ट्रवाद